निकट भविष्य में खाद्य महंगाई का ग्राफ ऊंचा रहने की संभावना
15-Sep-2026 01:44 PM
नई दिल्ली। उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (सीसीआई) पर आधारित खाद्य महंगाई की दर अगस्त 2026 में बढ़कर 5.95 प्रतिशत पर पहुंच गई जिसका प्रमुख कारण अदरक, लहसुन, प्याज, चीनी एवं खाद्य तेलों का महंगा होना रहा।
अगस्त में जुलाई के मुकाबले उपभोक्ता खाद्य मूल्य सूचकांक में 0.92 प्रतिशत का इजाफा हुआ। ध्यान देने की बात है कि जून की तुलना में जुलाई के दौरान सूचकांक में इससे भी अधिक बढ़ोत्तरी हुई थी और यह 5.52 प्रतिशत पर पहुंचा था। वर्ष 2025 में जून से दिसम्बर तक खाद्य मूल्य सूचकांक ऋणात्मक जोन में रहा था अब अनेक वस्तुओं के दाम घट गए थे।
उल्लेखनीय है कि जनवरी 2026 में जब सांख्यिकी एवं कार्यक्रम क्रियान्वयन मंत्रालय द्वारा नए उपभोक्ता मूल्य सूचकांक की श्रृंखला आरंभ की गई थी और 2024 को इसका आधार वर्ष माना गया था तब खाद्य महंगाई दर केवल 2.13 प्रतिशत आंकी गई थी। इससे पूर्व जो सूचकांक प्रचलित था उसमें 2012 को आधार वर्ष माना गया था। यदि इन दोनों आधार वर्ष का आंकलन किया जाए तो अगस्त 2026 में खाद्य मूल्य सूचकांक में पिछले 19 महीनों में सबसे ऊंचा ग्राफ नजर आता है। यह स्थिति भारतीय रिजर्व बैंक की चिंता बढ़ाने वाली है।
आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार अगस्त 2026 में अदरक का दाम 73.82 प्रतिशत, प्याज का 48.27 प्रतिशत, लहसुन का 43.60 प्रतिशत, चीनी का 24.2 प्रतिशत तथा सरसों तेल का दाम 6.92 प्रतिशत ऊंचा रहा। अगस्त 2025 की तुलना में अगस्त 2026 के दौरान खाद्य तेलों का खुदरा मूल्य 8.8 प्रतिशत ऊंचा हो गया। जुलाई के मुकाबले अगस्त में चावल क दाम में हुई वृद्धि 3.3 प्रतिशत से बढ़कर 5.88 प्रतिशत पर पहुंच गई।
सितम्बर से नवम्बर तक त्यौहारी सीजन रहता है जिसमें विभिन्न खाद्य उत्पादों एवं मसालों की मांग बढ़ जाती है। बाजार विश्लेषकों का मानना है कि इस तिमाही में खाद्य महंगाई का ग्राफ ऊंचे स्तर पर बरकरार रह सकता है।
