कर्नाटक और विदर्भ में तुवर का उत्पादन 25 प्रतिशत तक घटने का अनुमान
27-Jan-2026 09:08 PM
नागपुर। देश के दो शीर्ष उत्पादक प्रान्त- कर्नाटक एवं महाराष्ट्र में चालू सीजन के दौरान प्राकृतिक आपदाओं के प्रकोप के कारण इस महत्वपूर्ण दलहन की फसल को काफी क्षति होने के संकेत मिल रहे हैं।
एक अग्रणी समीक्षक के अनुसार कर्नाटक में उत्पादन 60 प्रतिशत तक ही होने की संभावना है जिसका मतलब यह हुआ कि वहां पैदावार में 40 प्रतिशत तक की जोरदार गिरावट आ सकती है।
समीक्षक के मुताबिक महाराष्ट्र के विदर्भ संभाग में फसल की हालत पहले काफी अच्छी थी लेकिन दिसम्बर में शीत और ठंड की वजह से उसकी स्थिति खराब हो गई। इसे देखते हुए कर्नाटक और विदर्भ में संयुक्त रूप से तुवर का उत्पादन 25 प्रतिशत तक घटने की संभावना है।
विश्लेषक के मुताबिक कर्नाटक में फसल की बिजाई के बाद जोरदार बारिश हुई और फिर मानसून के बाद भी वर्षा का दौर जारी रहा।
इससे खेतों की मिटटी में नमी का अंश जरूरत से ज्यादा बढ़ गया जो तुवर की फसल के लिए घातक साबित हुआ। विदर्भ संभाग में पहले तुवर का उत्पादन उत्साहवर्धक होने का अनुमान लगाया जा रहा था।
व्यापार विश्लेषकों के मुताबिक डॉलर की मजबूती से तुवर के आयात पर असर पड़ रहा है। 1 अमरीकी डॉलर का मूल्य बढ़कर 92 रुपए से ऊपर पहुंच गया है जिससे म्यांमार एवं अफ्रीकी देशों से तुवर का आयात महंगा बैठ रहा है।
भारत में उत्पादन घटने की सूचना मिलने पर आपूर्तिकर्ता देश तुवर के निर्यात ऑफर मूल्य में वृद्धि कर सकते हैं। घरेलू मंडियों में नए-पुराने माल की पर्याप्त आपूर्ति नहीं हो रही है।
पिछले साल के मुकाबले इस बार कम आवक को देखते हुए व्यापारी एवं दाल मिलर्स किसानों से अच्छी मात्रा में तुवर की खरीद कर रहे हैं।
उधर सरकारी एजेंसी- नैफेड भी तुवर खरीदने के लिए आवश्यक तैयारी कर रही है महाराष्ट्र के कुछ भागों में तुवर दाल का खुदरा मूल्य पुनः उछलकर 140-150 रुपए प्रति किलो हो गया है। कर्नाटक में भी दाम बढ़ रहा है। निकट भविष्य में इसके मूल्य में ज्यादा गिरावट आना मुश्किल लगता है।
