केसर के उत्पादन में भारी गिरावट आने से उत्पादक चिंतित
27-Jan-2026 11:24 AM
श्रीनगर। हालांकि केसर के दाम में जबरदस्त इजाफा हुआ है लेकिन उत्पादन में भारी गिरावट आने से जम्मू कश्मीर के उत्पादकों की आमदनी में कोई खास वृद्धि नहीं हो रही है।
जम्मू कश्मीर भारत में केसर का एक मात्र उत्पादक राज्य है। उत्पादन में जोरदार गिरावट आने से केसर की आपूर्ति एवं उपलब्धता घट गई है और इसका भाव लगभग दोगुना बढ़ गया है। यदि उत्पादन बेहतर होता तो किसानों की आमदनी काफी बढ़ जाती।
जानकारों के अनुसार जीआई टैग वाले कश्मीरी केसर के 10 ग्राम का भाव उछलकर 4000 रुपए पर पहुंच गया है जो पिछले सीजन की तुलना में लगभग दोगुना ज्यादा है।
ऑल जम्मू एंड कश्मीर सैफ्रॉन ग्रोअर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष का कहना है कि केसर का दाम तो उछला है लेकिन उत्पादन बहुत कम हुआ है। पैदावार में लगभग 75 प्रतिशत की जोरदार गिरावट आ गई।
एक दशक पूर्व इसका उत्पादन 15 टन के करीब हो रहा था उसे अब लुढ़ककर 1 टन के आसपास रह गया है। इससे किसानों की आमदनी उदासीन या स्थिर हो गई है।
जलवायु परिवर्तन को केसर के घटते उत्पादन का एक प्रमुख कारण माना जा रहा है। शीतकाल के दौरान इस सुगंधित मसालों के प्रमुख उत्पादक क्षेत्रों में लम्बे समय तक मौसम शुष्क रहने तथा बारिश का भारी अभाव होने से पौधों में फूल का ठीक से विकास नहीं हो
पाया जिससे कुछ वर्षों से केसर की फसल प्रतिकूल मौसम से प्रभावित होती रही है। 2010-11 में करीब 8 टन केसर का उत्पादन हुआ था जो 2023-24 में घटकर 2.60 टन रह गया। 2022-23 के सीजन में उत्पादन और भी कम हुआ था।
