कृषि विकास के लिए बजट में अनुकूल प्रस्ताव रखने का आग्रह
27-Jan-2026 04:36 PM
नई दिल्ली। प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) ने केन्द्रीय वित्त मंत्रालय से कहा है कि कृषि एवं सम्बद्ध क्षेत्र के विकास की गति को तेज करने के लिए आम बजट में माकूल प्रावधानों का प्रस्ताव शामिल किया जाए ताकि भारत खासकर दलहन-तिलहन के उत्पादन में आत्मनिर्भर बनने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ सके।
उल्लेखनीय है कि भारत चावल, गेहूं एवं मोटे अनाज के उत्पादन में पहले ही आत्मनिर्भर हो चुका है मगर उसे विदेशों से विशाल मात्रा में दलहनों एवं खाद्य तेलों का आयात करने के लिए विवश होना पड़ता है जिस पर भारी-भरकम बहुमूल्य एवं विदेशी मुद्रा खर्च होती है। इस खर्च को घटाना अत्यन्त आवश्यक है।
समझा जाता है कि आगामी आम बजट में ग्रामीण अर्थ व्यवस्था में मजबूत बनाने पर विशेष ध्यान दिया जा सकता है। इसके तहत सहकारी समितियों एवं किसान उत्पादक संगठनों (एफपीओ) के माध्यम से निर्यात बढ़ाने की कोशिश की जा सकती है।
कृषि क्षेत्र की घटती विकास दर से पीएमओ चिंतित हैं। वित्त वर्ष 2024-25 में यह विकास दर 4.6 प्रतिशत के उच्च स्तर पर थी जो 2025-26 में घटकर 3.1 प्रतिशत रह जाने का अनुमान है।
इस बार बजट में सहकारी कृषि पद्धति को मजबूत बनाने तथा सम्पूर्ण कृषि मूल्य शृंखला में मूल्य संवर्धन को प्रोत्साहन देने पर नए उपायों का प्रस्ताव रखा जा सकता है।
इससे किसानों की आमदनी बढ़ाने में सहायता मिलेगी। आम बजट 1 फरवरी को संसद में प्रस्तुत किया जाएगा जिस पर सम्पूर्ण देश का ध्यान केन्द्रित है।
