खरीफ सीजन में 95 लाख टन दलहनों के उत्पादन का लक्ष्य नियत
05-Aug-2024 07:40 PM
नई दिल्ली । केन्द्र सरकार ने 2024-25 के मौजूदा खरीफ सीजन में 95 लाख टन दलहन फसलों के उत्पादन का लक्ष्य निर्धारित किया है जिससे 45 लाख टन तुवर की पैदावार का लक्ष्य भी शामिल है।
लेकिन वर्तमान परिस्थितियों को देखते हुए यह उत्पादन लक्ष्य हासिल होना बहुत मुश्किल लगता है। जून में बारिश कम हुई, जुलाई में सामान्य रही, अगस्त में भारी तथा सितम्बर में बहुत भारी वर्षा हो सकती है। इससे फसल को नुकसान का खतरा बढ़ सकता है।
सरकार तुवर, उड़द, मसूर, देसी चना तथा पीली मटर के शुल्क मुक्त आयात की अनुमति पहले ही दे चुकी है और तुवर तथा चना पर स्टॉक सीमा भी लगा चुकी है।
इसके बावजूद दाल-दलहन का भाव काफी ऊंचे स्तर पर लगभग स्थिर बना हुआ है। पीली मटर का आयात बढ़कर 20 लाख टन तक पहुंच जाने का अनुमान है। एक वरिष्ठ अधिकारी ने संकेत दिया है कि पीली मटर पर आयात शुल्क की दर में कोई बदलाव नहीं किया जाएगा।
उम्मीद के अनुरूप (तुवर) के बिजाई क्षेत्र में इस बार शानदार बढ़ोत्तरी हो रही है। 2 अगस्त तक की स्थिति के अनुसार राष्ट्रीय स्तर पर तुवर का उत्पादन क्षेत्र उछलकर 41.90 लाख हेक्टेयर पर पहुंच गया जो पिछले साल की समान अवधि के बिजाई क्षेत्र 33.25 लाख हेक्टेयर से 8.65 लाख हेक्टेयर ज्यादा है।
इसी तरह मूंग का क्षेत्रफल 28.15 लाख हेक्टेयर से 3.45 लाख हेक्टेयर बढ़कर 31.60 लाख हेक्टेयर पर पहुंचा मगर उड़द का रकबा 26.20 लाख हेक्टेयर से घटकर 25.95 लाख हेक्टेयर रह गया।
अगर मानसून की बारिश सामान्य होती तो तुवर और मूंग का उत्पादन लक्ष्य हासिल करना मुश्किल नहीं होता और उड़द की पैदावार भी अच्छी हो सकती थी लेकिन हालत पूरी तरह अनुकूल नहीं हैं। अगस्त-सितम्बर का मौसम दलहन फसलों का भविष्य तय करेगा।
