खाद्य पदार्थों के दाम में भारी वृद्धि से महंगाई दर 16 माह के ऊंचे स्तर पर पहुंची
16-Jul-2024 01:15 PM
नई दिल्ली । आधिकारिक आंकड़ों से पता चलता है कि थोक मूल्य सूचकांक पर आधारित महंगाई की दर मई से 2.61 प्रतिशत बढ़कर जून में 3.36 प्रतिशत पहुंच गई।
इसके तहत प्राथमिक वस्तुओं की महंगाई दर 7.20 प्रतिशत से उछलकर 8.80 प्रतिशत हो गई और मैन्युफ़ैक्चर्ड उत्पादों की कीमतों में वृद्धि की दर 0.78 प्रतिशत से बढ़कर 1.43 प्रतिशत पर पहुंची, असली बढ़ोत्तरी खाद्य महंगाई में हुई जो मई के 7.40 प्रतिशत से बढ़कर जून में 8.68 प्रतिशत हो गई।
थोक मूल्य सूचकांक पर आधारित खाद्य सूचकांक भी 2.5 प्रतिशत बढ़ गया जबकि प्राथमिक उत्पादों के सूचकांक में 2.1 प्रतिशत की वृद्धि हुई।
सब्जियों के सूचकांक में 19.8 प्रतिशत का उछाल आया, अनाजों का सूचकांक 1.0 प्रतिशत बढ़ा, खाद्य तेलों के सूचकांक में 0.5 प्रतिशत की वृद्धि हुई मगर आधार भूत धातुओं का सूचकांक 0.7 प्रतिशत नीचे आया।
सरकार ने अप्रैल 2024 के लिए पहले 1. 26 प्रतिशत की महंगाई दर का अनुमान लगाना था जिसे बाद में संशोधित करके 1.19 प्रतिशत नियत किया गया। तक मूल्य सूचकांक पर आधारित महंगाई की दर तेजी से बढ़कर जून में पिछले 16 माह के उच्च स्तर पर पहुंच गई।
हालांकि सरकार खाद्य महंगाई को नियंत्रित करने के लिए जोरदार प्रयास कर रही है मगर इसका कोई खास प्रभाव दिखाई नहीं पड़ रहा है।
खाद्य उत्पादों के थोक बाजार मूल्य में इजाफा होना सरकार के लिए गंभीर चिंता का विषय है क्योंकि इससे खुदरा महंगाई में स्वाभाविक रूप से बढ़ोत्तरी हो जाती है।
समीक्षाधीन अवधि के दौरान सब्जियों के साथ-साथ दलहनों के थोक मूल्य में भी 2.7 प्रतिशत तथा अनाजों के दाम में 1 प्रतिशत की वृद्धि हुई।
एक तरफ देश के कई इलाकों में मूसलाधार वर्षा एवं भयंकर बाढ़ के कारण लोगों की जीवन अस्त व्यस्त हो गया है तो दूसरी ओर बढ़ती खाद्य महंगाई ने जीना मुश्किल कर दिया है। दाल-दलहन एवं चावल गेहूं की कीमतों में इजाफा रुक नहीं रहा है।
