मूंग के आयात पर प्रतिबंध जारी रहने की संभावना
05-Nov-2025 02:50 PM
नई दिल्ली। हालांकि म्यांमार सरकार ने भारत से मूंग के आयात पर लगे प्रतिबंध को हटाने का आग्रह किया है लेकिन भारत सरकार इसे स्वीकार करने के लिए तैयार नहीं है क्योंकि इस महत्वपूर्ण दलहन के उत्पादन में भारत आत्मनिर्भर बना हुआ है और इसलिए विदेशों से इसके आयात की आवश्यकता महसूस नहीं हो रही है।
स्मरणीय है कि घरेलू उत्पादन में बढ़ोत्तरी करने तथा किसानों को प्रोत्साहन देने के उद्देश्य से सरकार ने फरवरी 2022 में मूंग के आयात पर सख्त प्रतिबंध लगा दिया था और उसके बाद से इसका आयात बंद है।
इससे पूर्व म्यांमार से अच्छी मात्रा में इसे मंगाया जा रहा था। हालांकि म्यांमार को अपनी मूंग के निर्यात एवं यूरोप सहित कई अच्छे बाजार मिल गए हैं लेकिन वह भारत में भी इसका शिपमेंट करने का इच्छुक है।
भारत में मूंग की खेती खरीफ, रबी एवं जायद- तीनों सीजन में होती है और इसका उत्पादन घरेलू मांग एवं जरूरत को पूरा करने के लिए पर्याप्त होता है।
इसका न्यूनतम समर्थन मूल्य भी अन्य दलहन फसलों की तुलना में ऊंचा रहता है जिससे किसानों का उत्साह एवं आकर्षण इसकी खेती में बरकरार है।
सरकार को आशंका है कि यदि मूंग के आयात की अनुमति प्रदान की गई तो स्वदेशी किसानों को नुकसान होगा और इसके उत्पादन में उसकी दिलचस्पी घट जाएगी।
राजस्थान, महाराष्ट्र, कर्नाटक, गुजरात एवं मध्य प्रदेश सहित देश के कई अन्य राज्यों में मूंग की खेती बड़े पैमाने पर होती है। रबी कालीन मूंग की बिजाई शुरू हो गई है। खरीफ कालीन मूंग की फसल को इस बार प्राकृतिक आपदाओं से कुछ नुकसान हुआ है।
