महाराष्ट्र में किसानों को खरीफ फसलों की बिजाई में जल्दबाजी नहीं दिखाने का सुझाव

17-Jun-2026 06:05 PM

पुणे। महाराष्ट्र सरकार ने राज्य के किसानों को खरीफ फसलों की बिजाई में जल्दबाजी नहीं दिखाने तथा मानसून की अच्छी बारिश होने तक इंतजार करने का सुझाव दिया है।

जून के शुरूआती 15 दिनों के दौरान राज्य में सामान्य औसत से 75 प्रतिशत कम बारिश हुई और इसका दायरा भी सीमित रहा। अधिकांश क्षेत्रों में खेतों की मिटटी में नमी का अभाव देखा जा रहा है और उसमें बिजाई करना जोखिमपूर्ण साबित हो सकता है। 

महाराष्ट्र कैबिनेट के समक्ष प्रस्तुत की गई एक फसल स्थिति समीक्षा रिपोर्ट के अनुसार 1-15 जून के दौरान राज्य में केवल 27.4 मि०मी० वर्षा हुई जो दीर्घकालीन औसत 103.8 मि०मी० से बहुत कम थी। 

रिपोर्ट में कहा गया है कि राज्य के विभिन्न भागों में कृषि कार्यों के लिए तैयारी आरंभ हो गई है। धान तथा फिंगर मिलेट के लिए नर्सरी लगाई जा रही है तथा बिजाई से पूर्व खेतों को तैयार किया जा रहा है। चूंकि अभी मानसून की स्थिति कमजोर है और बारिश का अभाव बना हुआ है

इसलिए किसानों से कहा गया है कि वे खरीफ फसलों की खेती में जल्दबाजी न दिखाएं और अनुकूल स्थिति की प्रतीक्षा करें। रिपोर्ट में कहा गया है कि कोंकण एवं मध्य महाराष्ट्र में कहीं-कहीं छिटपुट बारिस हो सकती है जबकि विदर्भ एवं मराठवाड़ा संभाग में 18 जून से वर्षा की हालत में सुधार आने के आसार हैं।