महाराष्ट्र में खरीफ फसलों के क्षेत्रफल में 4 प्रतिशत से अधिक की गिरावट

18-Sep-2026 01:07 PM

मुम्बई। पश्चिम भारत के एक अग्रणी कृषि उत्पादक राज्य- महाराष्ट्र में इस वर्ष खरीफ फसलों का कुल उत्पादन क्षेत्र 139.70 लाख हेक्टेयर पर पहुंच सका जो पिछले साल की समान अवधि के बिजाई क्षेत्र से करीब 4 प्रतिशत कम तथा पंचवर्षीय औसत क्षेत्रफल 157.50 लाख हेक्टेयर का 89 प्रतिशत है। पिछले साल की तुलना में इस बार राज्य में धान, मोटे अनाजों एवं दलहनों के रकबे में कमी आई है जबकि तिलहन फसलों का क्षेत्रफल कुछ बढ़ गया है।

आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार पिछले साल की तुलना में मौजूदा खरीफ सीजन के दौरान महाराष्ट्र में धान का उत्पादन क्षेत्र 15.10 लाख हेक्टेयर से घटकर 14 लाख हेक्टेयर के करीब रह गया। इसी तरह मक्का का रकबा 14.50 लाख हेक्टेयर से घटकर 13 लाख हेक्टेयर तथा बाजरा का बिजाई क्षेत्र 3.25 लाख हेक्टेयर से गिरकर 2.81 लाख हेक्टेयर पर आ गया। 

दलहन फसलों के संवर्ग में समीक्षाधीन अवधि के दौरान अरहर (तुवर) का उत्पादन क्षेत्र 12.20 लाख हेक्टेयर से फिसलकर 12 लाख हेक्टेयर, मूंग का बिजाई क्षेत्र 2.11 लाख हेक्टेयर से गिरकर 1.47 लाख हेक्टेयर तथा उड़द का क्षेत्रफल 3.78 लाख हेक्टेयर से घटकर 1.99 लाख हेक्टेयर पर अटक गया। इस तरह दलहन फसलों का कुल उत्पादन क्षेत्र गत वर्ष के 18.80 लाख हेक्टेयर से लुढ़ककर इस बार 16.20 लाख हेक्टेयर पर अटक गया। 

दूसरी ओर इसी अवधि में तिलहन फसलों का उत्पादन क्षेत्र 51.27 लाख हेक्टेयर से सुधरकर 51.32 लाख हेक्टेयर पर पहुंच गया। इसके तहत मूंगफली का बिजाई क्षेत्र तो 1.37 लाख हेक्टेयर से सुधरकर 1.41 लाख हेक्टेयर पर पहुंचा मगर सोयाबीन का क्षेत्रफल 49.74 लाख हेक्टेयर से फिसलकर 49.70 लाख हेक्टेयर पर सिमट गया। इसी तरह कपास का रकबा भी 38.44 लाख हेक्टेयर से फिसलकर 38.40 लाख हेक्टेयर रह गया।