उत्पादन घटने की आशंका से प्रीमियम ग्रेड के चावल का भाव तेज

18-Sep-2026 11:34 AM

हैदराबाद। दक्षिण भारत में मानसूनी वर्षा की कमी से प्रीमियम क्वालिटी (ए ग्रेड) के धान का क्षेत्रफल काफी घट गया है और फसल की प्रगति में भी बाधा पड़ रही है। इसे देखते हुए वहां उच्च क्वालिटी के धान-चावल का उत्पादन घटने की आशंका है जिससे चावल के दाम में करीब 50 प्रतिशत की जोरदार बढ़ोत्तरी हो गई है। पोन्नी, बोना मसूरी तथा बीपीटी जैसे ए ग्रेड के धान का रकबा दक्षिणी राज्यों में काफी घट गया है।  

पोन्नी एवं सोना मसूरी धान का उत्पादन क्षेत्र तमिलनाडु, कर्नाटक, आंध्र प्रदेश एवं तेलंगाना जैसे राज्यों में 30-40 प्रतिशत तक घटने के संकेत मिल रहे हैं। क्षेत्रफल में कमी सिर्फ दक्षिण राज्यों तक ही सीमित नहीं है बल्कि देश के कई अन्य प्रांतों में भी चालू खरीफ सीजन के दौरान धान का रकबा घटा है। इसमें उत्तर प्रदेश एवं बिहार जैसे राज्य भी शामिल हैं। केन्द्रीय कृषि मंत्रालय के अनुसार राष्ट्रीय स्तर पर धान का कुल उत्पादन क्षेत्र इस बार 11 सितम्बर तक घटकर 426.81 लाख हेक्टेयर रह गया जो गत वर्ष की समान अवधि के क्षेत्रफल 443.78 लाख हेक्टेयर से 16.97 लाख हेक्टेयर या करीब 4 प्रतिशत कम है। 

उद्योग समीक्षकों का कहना है कि 2025-26 की तुलना में 2026-27 सीजन के दौरान चावल के घरेलू उत्पादन में 100 लाख टन तक की भारी गिरावट आ सकती है। पिछले साल की तुलना में मौजूदा खरीफ सीजन के दौरान धान के उत्पादन क्षेत्र में कर्नाटक में 4.54 लाख हेक्टेयर, तेलंगाना में 4.46 लाख हेक्टेयर, आंध्र प्रदेश में 1.90 लाख, उत्तर प्रदेश में 1.84 लाख, मध्य प्रदेश में 1.75 लाख, तमिलनाडु में 1.40 लाख, महाराष्ट्र में 1.15 लाख तथा झारखंड में 97 हजार हेक्टेयर की गिरावट आ गई है। 

आंध्र प्रदेश में 'ए' ग्रेड बीपीटी चावल का दाम गत वर्ष के 4000 रुपए प्रति क्विंटल से उछलकर अब 6200 रुपए प्रति क्विंटल पर पहुंच गया है जबकि सोना मसूरी एवं पोन्नी चावल की औसत कीमत 8000 रुपए प्रति क्विंटल के आसपास बताई जा रही है।