महाराष्ट्र में ठंडे मौसम से तुवर की फसल प्रभावित- कीमतों में सुधार

27-Jan-2026 05:30 PM

पुणे। महाराष्ट्र में तुवर की फसल में अब फूल और दाना लगने की प्रक्रिया चल रही थी तब मौसम अकस्मात बहुत ठंडा हो गया। इसके फलस्वरूप राज्य में तुवर (अरहर) फसल की उपज दर एवं पैदावार प्रभावित होने की आशंका है।

बाजार पर इसका सकारात्मक असर देखा जा रहा है। तुवर की कीमतों में सुधार आने लगा है। आगामी समय में दाम और भी बढ़ने की संभावना से व्यापारी एवं दाल मिलर्स तुवर की अच्छी खरीद कर रहे हैं। 

तुवर दाल का खुदरा भाव पहले ही 10 रुपए की वृद्धि के साथ 120 रुपए प्रति किलो से बढ़कर 130 रुपए प्रति किलो पर पहुंच चुका है।

व्यापार विश्लेषकों ने कीमतों में चढ़ाव-उतार जारी रहने की संभावना व्यक्त की है क्योंकि एक तो मार्केट में इसकी आपूर्ति कम हो रही है और दूसरे, प्रमुख उत्पादक क्षेत्रों में इसका उत्पादन भी कम होने की आशंका है। 

महाराष्ट्र के प्रमुख उत्पादक क्षेत्र- विदर्भ संभाग में दिसम्बर 2025 के दौरान उस समय ठंड का प्रकोप बढ़ गया जब फसल में फूल और दाने लग रहे थे।

चूंकि तुवर की फसल निम्न तापमान के प्रति संवेदनशील होती है इसलिए मौसम ज्यादा ठंडा होने से इसकी उपज दर प्रभावित होने की आशंका रहती है। 

कृषक समुदाय के अनुसार तुवर की नई फसल की कटाई-तैयारी तो आरंभ हो चुकी है लेकिन उत्पादन सामान्य स्तर से कम देखा जा रहा है।

कुल मिलाकर इसमें 30 प्रतिशत का नुकसान होने की आशंका है जबकि अलग-अलग क्षेत्रों में क्षति का स्तर भिन्न-भिन्न रहेगा। मौसम की प्रतिकूल स्थिति की तीव्रता पर उत्पादन की हानि निर्भर रहेगी। 

जानकारों के अनुसार उत्पादन में गिरावट की आशंका का असर थोक मंडियों पर पड़ने लगा है जहां तुवर का भाव 6000 रुपए प्रति क्विंटल के निचले स्तर से बढ़ते हुए अब 8000 रुपए प्रति क्विंटल पर पहुंच गया है।

तुवर का न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) भी इस बार 8000 रुपए प्रति क्विंटल निर्धारित हुआ है। आगे दाम और भी बढ़ने की उम्मीद है।  

महाराष्ट्र की मंडियों में तुवर की आपूर्ति का दबाव नहीं देखा जा रहा है। उधर कर्नाटक में भी जोरदार असामयिक वर्षा से फसल को हुए भारी नुकसान के कारण तुवर का उत्पादन काफी घटने की संभावना है।

कर्नाटक एवं महाराष्ट्र देश के दो सबसे प्रमुख तुवर उत्पादक राज्य है। कर्नाटक में उत्पादन 30-40 प्रतिशत तक घटने की आशंका व्यक्त की जा रही है।