मौजूदा सीजन के लिए 1190 लाख टन गेहूं के उत्पादन का लक्ष्य नियत
05-Nov-2025 08:20 PM
नई दिल्ली। केन्द्र सरकार ने 2025-26 के रबी सीजन हेतु 1190 लाख टन गेहूं के रिकॉर्ड उत्पादन का लक्ष्य निर्धारित किया है जो 2024-25 सीजन के रिकॉर्ड अनुमानित उत्पादन 1175 लाख टन से भी 15 लाख टन ज्यादा है।
बेहतर मौसम बांधों-जलाशयों में पानी के पर्याप्त भंडार एवं ऊंचे समर्थन मूल्य को देखते हुए सरकार को गेहूं उत्पादन का यह महत्वाकांक्षी लक्ष्य हासिल हो जाने की उम्मीद है।
इसके बाद भी गेहूं की ऐसी उन्नत एवं विकसित किस्मों की बोआई अधिक से अधिक क्षेत्रफल में होने की संभावना है जिसकी उपज दर एवं मौसम रोधी क्षमता अधिक होती है।
फरवरी-मार्च की गर्मी को सहन करने की ज्यादा क्षमता होने के कारण ऐसी किस्मों के गेहूं की फसल को पिछले सीजन में बहुत कम नुकसान हुआ था।
हालांकि अभी बिजाई सीजन की शुरुआत ही हुई है लेकिन आरंभिक सकेतों से पता चलता है कि गत वर्ष की भांति इस बार भी विशाल क्षेत्रफल में गेहूं की बोआई हो सकती है।
इस बार 31 अक्टूबर तक गेहूं का उत्पादन क्षेत्र बढ़कर 3.34 लाख हेक्टेयर पर पहुंचा जो गत वर्ष की समान अवधि के बिजाई क्षेत्र 2.28 लाख हेक्टेयर से 1.06 लाख हेक्टेयर ज्यादा है।
पंजाब, हरियाणा तथा पश्चिमी उत्तर प्रदेश में गेहूं की अगैती बिजाई होती है लेकिन अक्टूबर की बेमौसमी वर्षा के कारण कई इलाकों में खेतों की मिटटी में नमी का ऊंचा अंश मौजूद है। वहां बिजाई लेट से होने पर गेहूं की औसत उपज दर में गिरावट की आशंका रहती है।
केन्द्र सरकार ने गेहूं का न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) 2024-25 सीजन के 2425 रुपए प्रति क्विंटल से 160 रुपए बढ़ाकर 2025-26 सीजन के लिए 2585 रुपए प्रति क्विंटल नियत किया है जिससे किसानों को इसका रकबा बढ़ाने का प्रोत्साहन मिल सकता है।
कुछ राज्यों में गेहूं को सरसों एवं चना की प्रतिस्पर्धा का सामना भी करना पड़ सकता है। गेहूं का पंचवर्षीय औसत क्षेत्रफल इस बार 312.35 लाख हेक्टेयर नियत किया है और वास्तविक बिजाई क्षेत्र इस स्तर तक पहुंचना लगभग निश्चित माना जा रहा है।
