मक्का का घरेलू उत्पादन बढ़कर 500 लाख टन पर पहुंचने का अनुमान
18-Dec-2025 04:28 PM
नई दिल्ली। भारतीय मक्का अनुसन्धान संस्थान ने मक्का का घरेलू उत्पादन 2025-26 के वर्तमान मार्केटिंग सीजन में तेजी से उछलकर 500 लाख टन से नए रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच जाने का अनुमान लगाया है जो 2024-25 को अनुमानित उत्पादन 430 लाख टन से 70 लाख टन ज्यादा है।
संस्थान के निदेशक का कहना है कि इस वर्ष न केवल मक्का के बिजाई क्षेत्र में जबरदस्त बढ़ोत्त्तरी हुई बल्कि इसकी औसत उपज दर में भी भारी सुधार आने के संकेत मिल रहे हैं क्योंकि किसानों द्वारा उन्नत एवं बेहतर क्वालिटी के बीज की खेती ज्यादा क्षेत्रफल में की गई।
न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) में अच्छी बढ़ोत्तरी होने थोक मंडी भाव ऊंचा रहने तथा एथनॉल निर्माण उद्योग में मांग एवं खपत बढ़ने से किसानों को मक्का का क्षेत्रफल बढ़ाने का भरपूर प्रोत्साहन प्राप्त हुआ।
निदेशक के मुताबिक आने वाले वर्षों में मक्का का घरेलू उत्पादन और भी तेजी से बढ़ने की उम्म्मीद है। इसका उत्पादन वर्ष 2030 तक बढ़कर 700 लाख टन तथा वर्ष 2047 तक सुधरकर 1400 लाख टन तक पहुंच सकता है।
वर्ष 2014 में ही मक्का के घरेलू उत्पादन में सालाना 6-7 प्रतिशत का इजाफा हो रहा है जबकि 2024-25 के सीजन के दौरान इसमें करीब 12 प्रतिशत की भारी बढ़ोत्तरी हो गई। एथनॉल निर्माताओं की जोरदार मांग के कारण किसानों को मक्का का उत्पादन बढ़ाने का अवसर प्राप्त हो रहा है।
केन्द्रीय कृषि मंत्रालय के आंकड़ों से पता चलता है कि भारत में मक्का का उत्पादन 2024-25 के सीजन में 15.2 प्रतिशत बढ़कर 434 लाख टन पर पहुंच गया।
इसके तहत खरीफ कालीन उत्पादन 14 प्रतिशत की वृद्धि के साथ 283 लाख टन पर पहुंचा फिलहाल एथनॉल निर्माण में करीब 50 प्रतिशत मक्का का इस्तेमाल हो रहा है जबकि सरकार आने वाले वर्षों में इसका उपयोग बढ़ाकर 80 प्रतिशत से ऊपर पहुंचाने का इरादा रखती है। इससे एथनॉल निर्माण के लिए चावल तथा गन्ना पर डिस्टीलर्स की निर्भरता घट जाएगी।
