मलेशिया में चीनी, चावल तथा खाद्य तेलों के लिए सब्सिडी की समीक्षा

03-Nov-2025 03:31 PM

कुआलालम्पुर। मलेशिया की संघीय सरकार कुछ आवश्यक एवं आधारभूत खाद्य उत्पादों जैसे -चीनी, चावल तथा खाद्य तेलों के लिए सब्सिडी के समानीकरण पर विचार कर रही है वित्त मंत्रालय का कहना है कि सब्सिडी की दर में होने वाले किसी भी परिवर्तन को चरणबद्ध रूप से लागू किया जायेगा और धीरे-धीरे उसका क्रियान्वयन होगा इस कवच का मुख्य उद्देश्य सब्सिडी के लीकेज को रोकना तथा यह सुनिश्चित करना है कि सब्सिडी का फायदा केवल उन्ही लोगो को प्राप्त हो जो सही मायने में इसके हकदार और जरूरतमंद है। 

उपवित्त मंत्री के अनुसार सरकार ने इस बदलाव के लिए कोई समय सीमा निश्चित नहीं की है क्योंकि उसकी प्राथमिकता अभी ईंधन सब्सिडी को व्यवस्थित करने की है। इस सब्सिडी का समानीकरण का कार्य निर्बाध एवं आसान तरिके से चालू होने के बाद की है। इस सब्सिडी का समानीकरण का कार्य निर्बाध एवं आसान तरिके से चालू होने के बाद खाद्य सब्सिडी में परिवर्तन करने पर जोर दिया जा सकता है। ज्ञात हो कि मलेशिया में लम्बे समय से सब्सिडी प्रोग्राम में आवश्यक परिवर्तन करने पर विचार हो रहा है लेकिन सरकार इस संबंध में कोई नकारात्मक निर्णय लेने से पूर्व सभी आवश्यक बिन्दुओ का विस्तार से विचार संबंध में कोई नकारात्मक निर्णय लेने से पूर्व सभी आवश्यक बिन्दुओ पर विस्तार से विचार विमर्श करना चाहती है इस सब्सिडी से मलेशिया को वैश्विक बाजार में खाद्य उत्पादों के दाम में आने वाली तेजी के दुष्प्रभाव से बचाने का प्रयास किया जाता है।हालाँकि मलेशिया में पाम तेल का आयात विशाल उत्पादन होता है और वह दुनिया में इसका दूसरा सबसे बड़ा उत्पादक एवं निर्यातक देश बना हुआ है लेकिन चावल और चीनी का घरेलू उत्पादन बहुत  कम होने से उसे विदेशो से इतनी भारी आयात करना पड़ता है। पेट्रोल तथा चीनी के विशाल आयात के बाद उसे आम उपभोक्ताओ को रियायती मूल्य उपलब्ध करवाया जाता है। 

अर्थशास्त्रियों का कहना है कि आम लोगो को रियायती मूल्य पर आवश्यक खाद्य उत्पाद उपलब्ध करवाने का प्रोग्राम सैद्धांतिक रूप से अच्छा है मगर सब्सिडी का लाभ काफी हद तक उन लोगो को मिल रहा है जो इसके सच्चे हकदार नहीं है।