मानसून सीजन में सामान्य औसत से कम वर्षा होने का अनुमान
08-Apr-2026 06:35 PM
मुम्बई। एक प्राइवेट मौसम पूर्वानुमान एजेंसी ने वर्ष 2026 में दक्षिण-पश्चिम मानसून के सीजन (जून-सितम्बर) के दौरान देश में दीर्घकालीन औसत (एलपीए) के सापेक्ष 94 प्रतिशत बारिश होने की संभावना व्यक्त की है।
मालूम हो कि इस बार मानसून पर अल नीनो मौसम चक्र का खतरा रहने की आशंका है जिससे वर्षा पर असर पड़ सकता है। कम बारिश से खरीफ फसलें प्रभावित हो सकती है।
मौसम एजेंसी के अनुसार जून में बारिश सामान्य हो सकती है लेकिन उसके बाद अल नीनो के प्रभाव से मानसून कमजोर पड़ने लगेगा और जुलाई से सितम्बर तक इसकी हालत कमजोर रह सकती है।
ध्यान देने की बात है कि परम्परागत रूप से जुलाई अगस्त के दौरान देश में सर्वाधिक वर्षा एवं खरीफ फसलों की सबसे ज्यादा बिजाई होती है।
एजेंसी ने जून-सितम्बर 2026 के दौरान देश में 817 मि०मी० बारिश होने का अनुमान लगाया है जो सामान्य औसत 868.6 मि०मी० का 94 प्रतिशत है।
96 प्रतिशत से कम बारिश को सामान्य औसत से नीचे माना जाता है। ला नीना मौसम चक्र समाप्त हो चुका है और अल नीनो का आगमन जुलाई-अगस्त में हो सकता है। सरकार के पास खाद्यान्न का पर्याप्त स्टॉक मौजूद है मगर दलहन-तिलहन का अभाव हो सकता है।
