मार्च में देश के 70 प्रतिशत भाग में बारिश का रहा अभाव
31-Mar-2025 07:16 PM
नई दिल्ली। मौसम विभाग के आंकड़ों से पता चलता है कि चालू माह के शुरूआती सत्ताईस दिनों में यानी 1 से 27 मार्च 2025 के दौरान देश के कम से कम 70 प्रतिशत भाग में बारिश नहीं या नगण्य हुई जबकि तापमान ऊंचे स्तर पर बरकरार रहा।
इसके फलस्वरूप बांधों- जलाशयों में पानी का स्तर घटकर 45 प्रतिशत से भी नीचे आ गया दक्षिण-पश्चिम मानसून के प्रस्थान करने के बाद अक्टूबर 2024 से 26 मार्च 2025 के दौरान देश में सामान्य औसत से बहुत कम वर्षा हुई जिससे सरोवरों में जलस्तर घटता रहा।
केन्द्रीय जल आयोग के अनुसार पश्चिमी क्षेत्र के जलाशयों में कुल भंडारण क्षमता के सापेक्ष 51 प्रतिशत पानी का भंडार मौजूद है जबकि अन्य जोन में जल स्तर घटकर 50 प्रतिशत से नीचे आ गया है।
यह चिंताजनक स्थिति है। देश के उत्तरी क्षेत्र के 21 जलाशयों में केवल 24 प्रतिशत पानी बचा हुआ है। वहां अक्टूबर 2024 से ही बारिश का अभाव बना हुआ है।
इन 21 जलाशयों में 19,836 बिलियन क्यूबिक मीटर (बीसीएम) पानी के भंडारण की क्षमता है जबकि वहां पानी का कुल स्टॉक 4,733 बीसीएम ही मौजूद है। भंडारण क्षमता के सापेक्ष पानी का स्टॉक पंजाब में घटकर 20 प्रतिशत, हिमाचल प्रदेश में 23 प्रतिशत तथा राजस्थान में 42 प्रतिशत रह गया है।
इसी तरह पूर्वी जोन के 27 सरोवरों में पानी का स्टॉक घटकर 9,413 बीसीएम रह गया है जबकि उसकी कुल भंडारण क्षमता 21,655 बीसीएम है।
मेघालय तथा मिजोरम में एक-एक जलाशय है और 70 प्रतिशत से अधिक पानी का भंडार उपलब्ध है। इसी तरह झारखंड के जलाशय में 63 प्रतिशत पानी का स्टॉक है जबकि पश्चिम बंगाल एवं उड़ीसा में पानी का स्तर 40 प्रतिशत से ज्यादा है। बिहार की हालत चिंताजनक बनी हुई है।
पश्चिमी क्षेत्र के 50 जलाशयों में 19,185 बीसीएम पानी का स्टॉक है जो उसकी कुल भंडारण क्षमता 37,357 बीसीएम का 51 प्रतिशत है।
भंडारण क्षमता के मुकाबले गोवा के जलाशय में 70 प्रतिशत से अधिक तथा महाराष्ट्र एवं गुजरात के जलाशयों में 50 प्रतिशत से ज्यादा पानी बचा हुआ है। मध्यवर्ती क्षेत्र में 47 प्रतिशत पानी का स्टॉक बताया जा रहा है।
