मारीशस अब पाकिस्तान के बजाए भारत से चावल खरीदने का इच्छुक

03-Nov-2025 02:24 PM

नई दिल्ली। मारीशस अब पाकिस्तान के बजाए भारत से भारी मात्रा में चावल का आयात करना चाहता है क्योंकि यह अपेक्षाकृत सस्ता बैठ रहा है। मारीशस राज्य व्यापार निगम के चेयरमैन ने कहा है कि उनका देश भारत के साथ चावल का दीर्घकालीन आयात करार चाहता है वह करीब 33 हजार टन चावल का दीर्घकालीन आयात करने का इच्छुक है ताकि अपने घरेलू प्रभाग में रियायती मूल्य पर चावल के विवरण का कार्यक्रम नियमित रूप से जारी रख सके और पाकिस्तान से आयात पर निर्भरता घटाई जा सके। उल्लेखनीय है कि पाकिस्तान हाल के समय में परिश्रम को चावल की आपूर्ति करने वाला एक महत्वपूर्ण देश बन गया है। 

नई दिल्ली में आयोजित ग्लोबल राईस कन्फ्रेंस में भाग लेने के लिए चेयरमैन साहब भारत आए थे। उनका कहना था कि भारत ने वर्ष 2023 में जब गैर बासमती चावल के निर्यात पर प्रतिबंध लगाया था तब मारीशस को पाकिस्तान से भारी मात्रा में इसका आयात करने के लिए विवश होना पड़ा था। प्रतिबंध लगने से पूर्व मारीशस में भारत से ही दीर्घकालीन करार के तहत चावल की अधिकांश आपूर्ति हो रही थी। प्रतिबंध लागू होने के बाद मारीशस सरकार ने  चावल आयात के लिए खुली निविध की प्रक्रिया आरम्भ कर दी और यही वह समय था जब पाकिस्तान ने उसके बाजार पर कब्जा जमाने का प्रयास शुरू कर दिया। मारीशस सरकार अब इस माहौल को बदलना चाहती है क्योंकि भारत से चावल के निर्यात पर प्रतिबंध समाप्त हो चुका है और भारतीय उत्पाद अपेक्षाकृत सस्ते दाम पर उपलब्ध है। 

उल्लेखनीय है कि मारीशस का हिन्द महासागर में बसा मिनी हिंदुस्तान माना जाता है। राज्य व्यापार निगम से चेयरमैन का कहना है कि यद्यपि प्रतिबंध के दौरान भी सरकारी स्तर पर भारत से मारीशस को थोड़ी-बहुत मात्रा में चावल की आपूर्ति की गई। लेकिन वह घरेलू मांग एवं जरूरत को पूरा करने के लिए पर्याप्त साबित नहीं हुई।  मारीशस को प्रतिमाह 1000 टन बासमती चावल तथा 32 हजार टन सफेद सामान्य चावल की जरूरत पड़ती है।