मौसम अनुकूल रहने पर दलहनों का उत्पादन शानदार होने के आसार

10-Jul-2024 08:55 PM

नई दिल्ली । दाल-दलहनों का खुला बाजार भाव लम्बे समय से काफी ऊंचे स्तर पर चल रहा है जबकि सरकार ने अब खरीफ कालीन दलहनों के न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) में अच्छी बढ़ोत्तरी करते हुए आश्वस्त किया है कि किसानों से तुवर एवं उड़द के 100 प्रतिशत विपणन योग्य स्टॉक की खरीद की जाएगी।

इससे किसानों का उत्साह एवं मनोबल काफी बढ़ गया है। इसके परिणामस्वरूप खासकर अरहर (तुवर) के बिजाई में जबरदस्त इजाफा हुआ है जबकि आगे भी इसमें वृद्धि हो सकती है। 

दरअसल इस बार न केवल दलहनों का दाम अत्यन्त ऊंचे स्तर पर बरकरार है बल्कि मानसून भी किसानों का पूरी तरह साथ दे रहा है।

कर्नाटक, महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश, गुजरात, उत्तर प्रदेश, तेलंगाना एवं आंध्र प्रदेश जैसे अग्रणी उत्पादक राज्यों में मानसून की अच्छी बारिश हुई है और अब भी हो रही है।

लेकिन उड़ीसा एवं झारखंड में मानसून की अच्छी बारिश हुई है और अब भी हो रही है। लेकिन उड़ीसा एवं झारखंड में वर्षा का कुछ अभाव देखा जा रहा है।

तुवर एवं उड़द की बिजाई के प्रति किसानों का उत्साह एवं आकर्षण कायम है। चालू खरीफ सीजन में पिछले सप्ताह तक तुवर का घरेलू उत्पादन क्षेत्र गत वर्ष के 4.09 लाख हेक्टेयर से 500 प्रतिशत उछलकर 20.82 लाख हेक्टेयर तथा उड़द का बिजाई क्षेत्र 3.67 लाख हेक्टेयर से बढ़कर 5.37 लाख हेक्टेयर पर पहुंच गया।

जुलाई माह में इन दोनों दलहनों की जोरदार बिजाई होती है और किसनों के लिए तमाम परिस्थितियां भी अनुकूल बनी हुई है इसलिए अगर बिजाई क्षेत्र बढ़कर नए रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच  जाए तो की हैरानी की बात नहीं होगी।

इससे उत्पादन में वृद्धि के आसार बढ़ जायेंगे। उड़द की फसल तो सितम्बर-अक्टूबर में तैयार होकर मंडियों में आने लगेगी मगर तुवर के नए माल की आवक दिसम्बर -जनवरी में शुरू होगी क्योंकि यह लम्बी अवधि वाली फसल होती है।

केन्द्र सरकार ने 2023-24 के मुकाबले 2024-25 सीजन के लिए तुवर का न्यूनतम समर्थन मूल्य 7.9 प्रतिशत बढ़ाकर 7550 रुपए प्रति क्विंटल तथा उड़द का समर्थन मूल्य 6.5 प्रतिशत बढ़ाकर 7400 रुपए प्रति क्विंटल निर्धारित किया है। इसी तरह मूंग का एमएसपी भी 1.4 प्रतिशत बढ़ाकर 8682 रुपए प्रति क्विंटल नियत किया गया है।