मसूर के वैश्विक बाजार मूल्य पर दबाव बरकरार
15-Dec-2025 03:31 PM
वैंकुवर। मसूर के वैश्विक बाजार मूल्य पर पिछले सप्ताह भी दबाव कायम रहा। कनाडा तथा ऑस्ट्रेलिया जैसे शीर्ष उत्पादक एवं निर्यातक देशों में विशाल उत्पादन की पुष्टि होने से कीमतों में नरमी का माहौल देखा गया।
कनाडा की सरकारी एजेंसी- स्टैट्स कैन तथा ऑस्ट्रेलिया की सरकारी संस्था-अबारेस ने अपने-अपने देश में मसूर के उत्पादन में जोरदार बढ़ोत्तरी होने का अनुमान लगाया है।
उधर रूस और कजाकिस्तान में भी मसूर की शानदार पैदावार हुई है जिससे विश्व स्तर पर इसकी आपूर्ति एवं उपलब्धता में भारी इजाफा होने की उम्मीद है।
सिर्फ उत्पादक एवं निर्यातक देशों में उत्पादन तथा स्टॉक बढ़ने की ही समस्या नहीं है बल्कि मसूर की वैश्विक मांग भी कमजोर देखी जा रही है। मांग एवं आपूर्ति में अंतर होने से कीमतों पर दबाव बढ़ना स्वाभाविक ही है।
यह सिलसिला लम्बे समय तक बरकरार रहने की संभावना है। जानकारों का कहना है कि आगामी महीनों में यदि मसूर के दाम पर दबाव बना रहा तो कनाडा में अगले साल इसकी बिजाई पर असर पड़ सकता जो अप्रैल 2026 में आरंभ होने वाली है। उसके बाद मई से ऑस्ट्रेलिया में भी बिजाई शुरू हो जाएगी।
भारत में मसूर की बिजाई अभी जारी लेकिन गत सप्ताह तक इसका क्षेत्रफल वर्ष 2024 की तुलना में पीछे चल रहा था।
अमरीकी कृषि विभाग (उस्डा) द्वारा अमरीका में उत्पादन का फाइनल आंकड़ा 12 जनवरी 2026 को जारी किया जाएगा जिसमें पिछले उत्पादन अनुमान 5.16 लाख टन में ज्यादा बदलाव होने की संभावना नहीं है।
अमरीका में वर्ष 2024 में 4.23 लाख टन मसूर का उत्पादन हुआ था। इस बार हरी मसूर की पैदावार बढ़ने की उम्मीद है।
