मध्य प्रदेश जिलावार वर्षा रिपोर्ट— (01 जून से 28 जुलाई 2025): मौसम विभाग
29-Jul-2025 09:23 AM
मध्य प्रदेश जिलावार वर्षा रिपोर्ट— (01 जून से 28 जुलाई 2025): मौसम विभाग
★ मध्य प्रदेश के अधिकांश जिलों में इस अवधि के दौरान सामान्य से अधिक वर्षा दर्ज की गई है, हालांकि राज्य के कुछ पश्चिमी हिस्सों में वर्षा की भारी कमी देखी गई।
अत्यधिक अधिक वर्षा वाले जिले
★ राज्य के उत्तर-पूर्वी, पूर्वी और दक्षिण-पूर्वी हिस्सों में कई जिलों में अत्यधिक अधिक वर्षा दर्ज की गई है। इनमें शहडोल, रीवा, कटनी, बालाघाट, डिंडोरी, ★ पन्ना, उमरिया, सीधी, सिंगरौली और सतना जैसे जिले शामिल हैं। इन क्षेत्रों में मानसून बेहद सक्रिय रहा और औसत से काफी ज्यादा वर्षा हुई।
और अधिक बारिश अब फसलों को पहुंचा सकती है नुकसान।
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अधिक वर्षा वाले जिले
★ भोपाल, राजगढ़, मंडला, सागर, जबलपुर, नरसिंहपुर, रतलाम, झाबुआ, ग्वालियर, गुना, और शाजापुर जैसे जिलों में सामान्य से अधिक वर्षा दर्ज की गई। ★ इन इलाकों में भी अच्छी वर्षा हुई है, जिससे जलस्रोतों और कृषि गतिविधियों को बल मिला है।
★ बारिश का कोटा पूरा।
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सामान्य वर्षा वाले जिले
★ कुछ जिले जैसे खंडवा, ग्वालियर, अशोकनगर, श्योपुर, मुरैना और निवाड़ी में वर्षा सामान्य श्रेणी में रही। इन जिलों में मानसून स्थिर रहा और मौसम संतुलित बना रहा।
★ यह बारिश फसल के लिए अच्छी।
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कम वर्षा वाले जिले
★ इंदौर, उज्जैन, देवास, धार, अलीराजपुर, आगर मालवा और खंडवा जैसे जिलों में सामान्य से कम वर्षा दर्ज की गई। इन इलाकों में मानसून की धीमी प्रगति के कारण खेतों की नमी की स्थिति कमजोर रही है, जिससे खरीफ फसलों की बुवाई प्रभावित हो सकती है।
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अत्यधिक कम वर्षा वाले जिले (Large Deficient)
★ बड़वानी, खरगोन और बुरहानपुर जैसे जिले सबसे चिंताजनक स्थिति में हैं, जहाँ वर्षा सामान्य से काफी कम हुई है। इन जिलों में सूखे जैसे हालात बनने की संभावना है यदि अगले कुछ हफ्तों में वर्षा नहीं हुई।
★ राज्य का पूर्वी, उत्तर-पूर्वी और दक्षिण-पूर्वी भाग अच्छी वर्षा से लाभान्वित हुआ है, जबकि पश्चिमी मध्य प्रदेश – विशेषकर इंदौर, धार, खरगोन और बड़वानी जैसे जिले – वर्षा की गंभीर कमी से जूझ रहे हैं। यदि ऐसी स्थिति बनी रहती है, तो प्रभावित क्षेत्रों में जल संकट और फसल उत्पादन में गिरावट देखी जा सकती है।
