मध्य प्रदेश में अतिरिक्त बोनस की घोषणा से गेहूं का रकबा एवं उत्पादन बढ़ने के आसार

25-Oct-2025 12:20 PM

नई दिल्ली। केन्द्रीय पूल में पंजाब के बाद गेहूं का योगदान देने वाले दूसरे सबसे प्रमुख राज्य- मध्य प्रदेश के किसानों को रबी सीजन के इस सर्वाधिक महत्वपूर्ण खाद्यान्न का उत्पादन बढ़ाने हेतु प्रोत्साहित करने के लिए प्रांतीय सरकार ने एक बड़ा निर्णय लिया है।

इसके तहत 2026-27 के रबी मार्केटिंग सीजन में किसानों से 2700 रुपए प्रति क्विंटल की दर से गेहूं खरीदने की घोषणा की गई है जो न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) से 115 रुपए ज्यादा है। 

उल्लेखनीय है कि केन्द्र सरकार ने 2025-26 के रबी सीजन हेतु गेहूं का न्यूनतम समर्थन मूल्य बढ़ाकर 2585 रुपए प्रति क्विंटल निर्धारित किया है जो 2024-25 सीजन के एमएसपी 2425 रुपए प्रति क्विंटल से 160 रुपए अधिक है।

मध्य प्रदेश में 2025 के रबी मार्केटिंग सीजन में गेहूं उत्पादकों को एमएसपी से ऊपर 175 रुपए प्रति क्विंटल का अतिरिक्त बोनस दिया गया था और उससे 2600 रुपए प्रति क्विंटल की दर से गेहूं की खरीद की गई थी।

इससे पूर्व 2024 के रबी मार्केटिंग सीजन के लिए जब केन्द्र सरकार ने गेहूं का एमएसपी 2275 रुपए प्रति क्विंटल निर्धारित किया था तब मध्य प्रदेश सरकार ने 125 रुपए का अतिरिक्त बोनस घोषित करते हुए किसानों से 2400 रुपए प्रति क्विंटल की दर से गेहूं खरीदा था। 

हालांकि 2026 के रबी मार्केटिंग सीजन के लिए गेहूं पर 115 रुपए प्रति क्विंटल का अतिरिक्त बोनस देने की सार्वजनिक घोषणा कर दी गई है लेकिन इसकी आधिकारिक अधिसूचना जारी नहीं हुई है।

सरकारी घोषणा से राज्य के किसानों को गेहूं का रकबा बढ़ाने तथा फसल की अच्छी देखभाल करके उत्पादन में वृद्धि करने का प्रोत्साहन मिलेगा।

उत्तर प्रदेश के बाद गेहूं की सर्वाधिक खेती मध्य प्रदेश में ही होती है और वहां इसका विशाल उत्पादन भी होता है। मध्य प्रदेश ऐसा इकलौता राज्य है जहां पिछले रबी मार्केटिंग सीजन के दौरान गेहूं की सरकारी खरीद के लक्ष्य में दो बार 10-10 लाख टन की बढ़ोत्तरी की गई। गेहूं खरीद का लक्ष्य पहले 60 लाख टन नियत हुआ जिसे बाद में बढ़ाकर क्रमश: 70 लाख टन और 80 लाख टन निर्धारित किया गया। 

राजस्थान में भी गेहूं किसानों को बोनस देने की परिपाटी शुरू की गई थी लेकिन मौजूदा सीजन के लिए अभी तक वहां इसकी घोषणा नहीं हुई है। गेहूं की बोआई का सीजन औपचारिक तौर पर आरंभ हो चुका है। आगे बिजाई की रफ्तार तेज रहेगी।