मध्य प्रदेश में गेहूं एवं दलहनों का रकबा बढ़ने के बावजूद कुल क्षेत्रफल में गिरावट
17-Dec-2025 11:56 AM
भोपाल। यद्यपि देश के एक अग्रणी कृषि उत्पादक राज्य- मध्य प्रदेश में पिछले साल के मुकाबले इस वर्ष गेहूं, चना, मसूर एवं मटर के बिजाई क्षेत्र में बढ़ोत्तरी देखी जा रही है लेकिन सरसों सहित अन्य फसलों का रकबा पीछे होने से रबी फसलों की कुल बिजाई करीब 5 लाख हेक्टेयर पीछे चल रही है।
आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार मध्य प्रदेश में इस वर्ष 12 दिसम्बर तक रबी फसलों का कुल उत्पादन क्षेत्र 120.20 लाख हेक्टेयर पर ही पहुंच सका
जो पिछले साल की समान अवधि के बिजाई क्षेत्र 125.12 लाख हेक्टेयर से करीब 4.90 लाख हेक्टेयर तथा पंचवर्षीय औसत क्षेत्रफल 138.85 लाख हेक्टेयर से 18.65 लाख हेक्टेयर कम है।
कृषि विभाग के आंकड़ों से पता चलता है कि मध्य प्रदेश में पिछले साल के मुकाबले चालू रबी सीजन के दौरान गेहूं का उत्पादन क्षेत्र 81.86 लाख हेक्टेयर से बढ़कर 83.52 लाख हेक्टेयर, चना का बिजाई क्षेत्र 14.00 लाख हेक्टेयर से बढ़कर 14.81 लाख हेक्टेयर,
मसूर का क्षेत्रफल 5.00 लाख हेक्टेयर से बढ़कर 5.77 लाख हेक्टेयर तथा मटर का रकबा 2.60 लाख हेक्टेयर से सुधरकर 2.90 लाख हेक्टेयर पर पहुंच गया।
दूसरी ओर सबसे प्रमुख तिलहन फसल-सरसों का उत्पादन क्षेत्र गत वर्ष के 12.17 लाख हेक्टेयर से घटकर इस बार 11.49 लाख हेक्टेयर पर अटक गया जो आश्चर्य की बात है।
इस वर्ष मई से ही सरसों का थोक मंडी भाव सरकारी समर्थन मूल्य से काफी ऊंचा चल रहा है जिससे किसानों को शानदार आमदनी प्राप्त हो रही है लेकिन फिर भी इस तिलहन के रकबे में गिरावट आ रही है।
चालू रबी सीजन के लिए मध्य प्रदेश में कृषि विभाग द्वारा गेहूं के उत्पादन क्षेत्र का लक्ष्य 96.81 लाख हेक्टेयर निर्धारित किया गया है। इसके अलावा 17.28 लाख हेक्टेयर में चना,
6.36 लाख हेक्टेयर में मसूर, 3.30 लाख हेक्टेयर में मटर तथा 12.33 लाख हेक्टेयर में सरसों की बिजाई का लक्ष्य नियत किया गया है।
उम्मीद की जा रही है कि इन सभी फसलों का क्षेत्रफल अपने नियत लक्ष्य तक पहुंच जाएगा। बिजाई की प्रक्रिया वहां अभी जारी है।
