मध्य प्रदेश में समर्थन मूल्य पर मूंग बेचने हेतु किसानों को हो रही है भारी कठिनाई
06-Aug-2024 04:57 PM
भोपाल । मध्य प्रदेश में किसानों से न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) पर मूंग की खरीद की प्रक्रिया एक बार फिर विवादों में गिर गई है जिसे सड़क से संसद तक बवाल मचा हुआ है।
समूचे प्रान्त के किसान आंदोलन पर उतर आए हैं। के खरीद की प्रक्रिया को बीच में ही रोके जाने से नाराज हैं और सरकार के खिलाफ विरोध-प्रदर्शन कर रहे हैं।
इस वर्ष मध्य प्रदेश में मूंग का अच्छा उत्पादन हुआ है और सरकार ने समर्थन मूल्य पर इसकी खरीद का आश्वासन भी दिया था लेकिन इसका पूरी तरह पालन नहीं होने से किसानों में रोष एवं असंतोष है।
किसानों के जबरदस्त विरोध प्रदर्शन को देखते हुए राज्य सरकार ने ग्रीष्मकालीन मूंग की खरीद की समय सीमा बढ़ा दी और 1 अगस्त को सिर्फ एक दिन के लिए स्लॉट बुकिंग की अनुमति दी।
लेकिन सॉफ्ट वेयर में तकनीकी खराबी आने से अनेक किसानों को स्लॉट बुकिंग में सफलता नहीं मिल सकी। जिन किसानों को बुंकिंग में कामयाबी नहीं मिली उन्हें खुले बाजार में काफी कम दाम पर अपना उत्पाद बेचने के लिए विवश होना पड़ रहा है।
खुले बाजार में मूंग का भाव 6500 से 8000 रुपए प्रति क्विंटल के बीच चल रहा है जो 9558 रुपए प्रति क्विंटल के न्यूनतम समर्थन मूल्य से काफी नीचे है। कई किसानों को 2000 रुपए प्रति क्विंटल तक का नुकसान हो रहा है।
विपक्षी नेताओं का कहना है कि 1 अगस्त को स्लॉट बुकिंग पोर्टल केवल 2-3 घंटे तक क्रियाशील रहने के बाद बंद हो गया जिससे हजारों किसान बुकिंग करने से वंचित रह गए।
उधर मूंग का बाजार भाव समर्थन मूल्य से काफी नीचे है। इतना ही नहीं बल्कि खरीद प्रक्रिया में भी अनियमितता बरती जा रही है। कुछ केन्द्रों पर किसानों से प्रति ट्रॉली 5 से 10 हजार रुपए तक वसूला जा रहा है।
इसके अलावा क्रय केन्द्रों पर खराब क्वालिटी का दावा करते हुए किसानों को मूंग की अतिरिक्त मात्रा देने के लिए बाध्य किया जाता है।
खरीद सीजन के आरंभ से ही किसानों को अनेक समस्याओं एवं चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है। यद्यपि सरकार ने मूंग खरीद की समय सीमा 5 अगस्त तक बढ़ा दी थी मगर इससे बात नहीं बनी।
ध्यान देने वाली बात है कि केन्द्रीय कृषि मंत्री ने तुवर, उड़द एवं मसूर की शत-प्रतिशत अधिशेष मात्रा की खरीद का आश्वासन दिया है मगर स्वयं उनके गृह प्रान्त में मूंग उत्पादकों का विरोध प्रदर्शन हो रहा है।
