म्यांमार से मूंग तथा मक्का के सुगम आयात के प्रस्ताव का जोरदार विरोध
04-Nov-2025 07:58 PM
नई दिल्ली। मूंग एवं मक्का का पर्याप्त स्टॉक उत्पादन विदेशों से इसके आयात की नीति पर अपना असर दिखा रहा है। अनेक देश भारत को खासकर मक्का का निर्यात बढ़ाने के इच्छुक हैं और इसके लिए जोरदार प्रयास भी कर रहे हैं जिसमें अमरीका भी शामिल है लेकिन भारत सरकार इसके लिए बिल्कुल भी तैयार नहीं हैं। मूंग के आयात पर वर्ष 2022 से ही प्रतिबंध लगा हुआ है।
आधिकारिक सूत्रों के अनुसार म्यांमार का एक मंत्रिस्तरीय प्रतिनिधिमंडल पिछले सप्ताह भारतीय अधिकारियों से मिला था और दलहनों में कारोबार से सम्बन्धित मुद्दों पर विचार-विमर्श किया था। इसमें तुवर एवं उड़द के लिए आपसी सहमति का समझौता भी शामिल है जिसकी समय सीमा समाप्त होने वाली है।
हालांकि म्यांमार ने इस समझौते में मूंग और मक्का को भी सम्मिलित करने का प्रस्ताव रखा ताकि वहां किसानों को इसका उत्पादन बढ़ाने का प्रोत्साहन मिल सके लेकिन समझा जाता है कि भारत इसके लिए रजामंद नहीं था क्योंकि घरेलू प्रभाग में मूंग और मक्का का पर्याप्त उत्पादन होने से इसके भारी आयात की आवश्यकता नहीं पड़ती है।
वर्ष 2021-22 में भारत ने म्यांमार के साथ एक पंचवर्षीय करार किया था जिसके तहत यह प्रावधान था कि भारत वित्त वर्ष 2025-26 तक म्यांमार से प्रत्येक साल 2.50 लाख टन उड़द एवं 1.00 लाख टन तुवर का आयात करेगा। लेकिन हकीकत तो यह है कि भारत में म्यांमार से इन दोनों दलहनों का आयात लगातार समझौते (करार) के तहत नियत कोटे से काफी अधिक हो रहा है।
भारत सरकार मई 2021 में ही तुवर एवं उड़द के आयात को शुल्क मुक्त कर चुकी है और अब इसकी अवधि 31 मार्च 2026 तक बढ़ा दी गई है। भारत मौजूदा समय में भी म्यांमार के उड़द एवं तुवर का सबसे प्रमुख खरीदार बना हुआ है। वित्त वर्ष 2024-25 के दौरान भारत और म्यांमार के बीच 2.10 अरब डॉलर का द्विपक्षीय व्यापार हुआ था।
