म्यांमार से दस महीनों में 7.7 लाख टन उड़द का शानदार निर्यात
11-Nov-2024 09:07 AM
रंगून। भारत के पूर्वोत्तर पडोसी देश - म्यांमार की एक अग्रणी व्यापारिक संस्था - ओवरसीज एग्री ट्रेडर्स एसोसिएशन (ओएटीसी) द्वारा जारी नवीनतम आकड़ों से पता चलता है कि वहां से चालू कैलेंडर वर्ष के आरंभिक 10 महीनों में यानी जनवरी-अक्टूबर 2024 के दौरान कुल मिलाकर लगभग 7.78 लाख टन उड़द, 2.79 लाख टन तुवर एवं 5.51 लाख टन मूंग का निर्यात दुनिया के विभिन्न देशों में किया गया इसमें से उदा एवं तुवर का सर्वाधिक शिपमेंट भारत को हुआ। ज्ञात हो कि भारत में मूंग के आयात पर प्रतिबन्ध लगा हुआ है।
सितम्बर की तुलना में अक्टूबर के दौरान म्यांमार से उड़द एवं तुवर के निर्यात में भारी गिरावट दर्ज की यी जिससे स्पष्ट संकेत मिलता है कि वहां इसका निर्यात योग्य स्टॉक तेजी से घटता जा रहा है। समीक्षाधीन अवधि के दौरान उड़द का निर्यात 87 हजार टन से घटकर 62 हजार टन तथा तुवर का निर्यात 35 हजार टन से गिरकर 11 हजार टन पर सिमट गया। अक्टूबर में इन दोनों दलहनों का निर्यात जनवरी 2024 से अब तक के सबसे निचले स्तर पर रहा। म्यांमार से उड़द का सर्वाधिक 1.03 लाख टन का निर्यात मई में हुआ था जबकि अगस्त में 96 हजार टन का शिपमेंट किया गया था। उड़द के अधिकांश भाग का निर्यात भारत को होता है।
जहां तक तुवर का सवाल है तो चालू वर्ष में मई में वहां से करीब 41 हजार टन का निर्यात हुआ था जो जुलाई में घटकर 13 हजार टन रह गया। अक्टूबर की मात्रा उससे भी कम रही।
म्यांमार में तुवर की बिजाई का अभियान अंतिम चरण में में पहुंच गया है जबकि उड़द की बिजाई जोर शोर से हो रही है। दरअसल म्यांमार को इन दोनों दलहनों के लिए भारत जैसा विशाल और स्थायी बाजार हासिल हो गया है जिससे वहां किसानों को इसका बिजाई क्षेत्र एवं उत्पादन बढ़ाने का भरपूर प्रोत्साहन मिल रहा है। मालूम हो कि 18 जून 2021 को भारत ने म्यानमा के साथ एक व्यापारिक करार किया था जिसके तहत वित्त वर्ष 2025-26 तक भारत प्रत्येक साल म्यानाम्र से 2.5 लाख टन उड़द एवं 1 लाख टन तुवर का आयात करेगा। जोरदार बिजाई को देखते हुए म्यांमार में दलहनों का उत्पादन एक बार फिर शानदार होने की उम्मीद है जिससे उसे निर्यात बढ़ाने में अच्छी सफलता मिल सकती है।
