नई दिल्ली में अगले सप्ताह इंटरनेशनल राइस कांफ्रेंस का आयोजन
25-Oct-2025 07:15 PM
नई दिल्ली। अगले सप्ताह नई दिल्ली में आयोजित होने वाले दो दिवसीय भारत इंटरनेशनल राइस कांफ्रेंस में 3000 से अधिक किसानों एवं फार्मर्स प्रोड्यूसर्स आर्गेनाइजेशंस (एफपीओ) दुनिया के 80 देशों से 1000 से अधिक (विदेशी) खरीदारों तथा लगभग 2500 निर्यातकों एवं मिलर्स के भाग लेने की उम्मीद है।
यह कांफ्रेंस भारत के लिए काफी महत्वपूर्ण एवं लाभदायक साबित होने वाला है क्योंकि इसमें संसार के ऐसे 26 देशों की पहचान करके उस पर विशेष रूप से ध्यान केन्द्रित किया जाएगा जहां चावल का निर्यात बढ़ाए जाने की अच्छी संभावना है।
इसमें इंडोनेशिया फिलीपींस, वियतनाम और अमरीका जैसे देश भी शामिल है। इन 26 देशों से 1.86 लाख करोड़ रुपए मूल्य के चावल का निर्यात आर्डर प्राप्त होने की उम्मीद है।
हालांकि भारत पहले से ही दुनिया में चावल का सबसे प्रमुख निर्यातक देश बना हुआ है लेकिन कुछ क्षेत्रों में इसकी पोजीशन ज्यादा मजबूत नहीं है।
अब भारत की नजर उन आयातक देशों में अपने चावल की पहुंच बढ़ाने पर केन्द्रित है जहां इसे पाकिस्तान और थाईलैंड जैसे देशों की सख्त प्रतिस्पर्धा का सामना करना पड़ता है।
इंडियन राइस एक्सपोर्टर्स फेडरेशन के उपाध्यक्ष का कहना है कि इस दिशा में आगे बढ़ने के लिए 26 देशों की पहचान कर ली गई है और वहां चावल का निर्यात बढ़ाने का हर संभव प्रयास किया जाएगा।
फेडरेशन के अनुसार ये देश प्रत्येक वर्ष विदेशों से करीब 1.80 लाख करोड़ रुपए मूल्य का चावल मंगाते हैं। वहां विभिन्न किस्मों एवं श्रेणियों के बासमती तथा गैर बासमती चावल का आयात होता है।
भारत में इन सभी किस्मों के चावल का पर्याप्त निर्यात योग्य स्टॉक मौजूद रहता है इसलिए जिस देश की जैसी डिमांड होगी उसे पूरा करने में भारत सक्षम रहेगा। कांफ्रेंस के दौरान कुछ सौदे होने की उम्मीद है।
