नवम्बर में खाद्य तेलों का आयात 11.51 लाख टन पर सिमटा

15-Dec-2025 05:26 PM

मुम्बई। सॉल्वेंट एक्सट्रैक्टर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया (सी) के नवीनतम मासिक आंकड़ों से पता चलता है कि मौजूदा मार्केटिंग सीजन (2025-26) के प्रथम माह यानी नवम्बर 2025 के दौरान देश में खाद्य तेलों का आयात घटकर 11.51 लाख टन के करीब रह गया

जो अक्टूबर 2025 के आयात 13.28 लाख टन तथा  नवम्बर 2024 के आयात 16.14 लाख टन से काफी कम रहा। हालांकि इस अवधि में क्रूड पाम तेल (सीपीओ) के आयात में बढ़ोत्तरी हुई लेकिन सोयाबीन तेल एवं सूरजमुखी तेल का आयात काफी घट गया। 

एसोसिएशन के आंकड़ों के अनुसार अक्टूबर की तुलना में नवम्बर 2025 के दौरान सीपीओ का आयात 5.88 लाख टन से बढ़कर 6.27 लाख टन पर पहुंच गया। 

एसोसिएशन के आंकड़ों के अनुसार अक्टूबर की तुलना में नवम्बर 2025 के दौरान सीपीओ का आयात 5.88 लाख टन से बढ़कर 6.27 लाख टन पर पहुंच गया लेकिन आरबीडी पामोलीन का आयात 5000 टन से फिसलकर 3500 टन,

क्रूड पाम कर्नेल तेल का 9500 टन से घटकर 1850 टन, रेपसीड (कैनोला) तेल का 10 हजार टन से गिरकर 5 हजार टन, क्रूड सोयाबीन तेल या 4.15 लाख टन से घटकर 3.71 लाख टन तथा क्रूड सूरजमुखी तेल का आयात 2.58 लाख टन से लुढ़ककर 1.43 लाख टन पर अटक गया।

इससे पूर्व नवम्बर 2024 के दौरान देश में 2.85 लाख टन आरबीडी पामोलीन, 5.47 लाख टन क्रूड पाम तेल, 3.41 लाख टन क्रूड सूरजमुखी तेल, 6 हजार टन रिफाइंड सूरजमुखी तेल, 4.08 लाख टन क्रूड सोयाबीन तेल,

16 हजार टन से कुछ अधिक रिफाइंड सोयाबीन तेल, 22 टन रेपसीड / कैनोला तेल एवं 10 हजार टन क्रूड पाम कर्नेल तेल के साथ कुल 16.14 लाख टन खाद्य तेल का भारी आयात हुआ था।

अक्टूबर 2025 में भी 40-40 हजार टन रिफाइंड सोयाबीन तेल एवं रिफाइंड सूरजमुखी तेल का आयात हुआ था लेकिन नवम्बर 2025 में इसका आयात नहीं हुआ।

सोयाबीन तेल एवं सूरजमुखी तेल का वैश्विक बाजार भाव ऊंचा रहने से इसकी खरीद में भारतीय रिफाइनर्स की दिलचस्पी घट गई लेकिन सस्ते सीपीओ के आयात में इसकी सक्रियता बरकरार रही।

भारतीय मुद्रा की कमजोर विनिमय दर के कारण खाद्य तेलों का आयात खर्च ऊंचा बैठ रहा है इसलिए दिसम्बर में भी आयात घट सकता है।