News Capsule/न्यूज कैप्सूल: भारत की एथनॉल नीति मैं आया बदलाव
05-Nov-2025 11:30 AM
News Capsule/न्यूज कैप्सूल: भारत की एथनॉल नीति मैं आया बदलाव
★ भारत की एथनॉल नीति अब गन्ने की जगह अनाज आधारित हो गई है, जिससे चीनी उद्योग पर दबाव बढ़ा।
★ 2025-26 आपूर्ति वर्ष (नवंबर–अक्टूबर) के लिए ऑयल मार्केटिंग कंपनियों ने कुल 10.5 अरब लीटर एथनॉल की आपूर्ति का ऑर्डर दिया है। इसमें से केवल 28% चीनी आधारित फीडस्टॉक (जैसे गन्ने का रस, बी-हेवी और सी-हेवी शीरा) से आएगा, जबकि शेष 72% अनाज आधारित फीडस्टॉक (मुख्य रूप से मक्का और चावल) से है।
★ 2019-20 में चीनी क्षेत्र का हिस्सा 91% था, जो 2022-23 में घटकर 70% और अब 2025-26 में मात्र 28% रह गया है।
★ 2023-24 के चुनावी वर्ष में गन्ने से एथनॉल उत्पादन पर प्रतिबंध लगने और उत्पादन में 9–12% गिरावट के चलते सरकार ने अनाज आधारित एथनॉल को प्रोत्साहन दिया। अब जबकि गन्ने पर प्रतिबंध हटा लिया गया है, फिर भी चीनी उद्योग अपनी पुरानी हिस्सेदारी वापस नहीं पा सका है।
★ ISMA ने बताया कि सरकार की मौजूदा एथनॉल आवंटन नीति “अनाज आधारित फीडस्टॉक” को प्राथमिकता देती है। इससे चीनी आधारित एथनॉल को नुकसान हो रहा है और मिलों की आय घट सकती है, जिससे गन्ना किसानों को भुगतान में देरी और गन्ना क्षेत्र में गिरावट का खतरा है।
