News Capsule/न्यूज कैप्सूल: बजट में बढ़ाई गई खाद्य सब्सिडी
03-Feb-2026 11:05 AM
News Capsule/न्यूज कैप्सूल: बजट में बढ़ाई गई खाद्य सब्सिडी
★ वित्त वर्ष 2026 (FY26) के संशोधित अनुमानों में खाद्य सब्सिडी बढ़ने के पीछे कई अहम कारण हैं। इस साल बजट अनुमान की तुलना में खाद्य सब्सिडी करीब 25,000 करोड़ रुपये बढ़ाई गई है, जो 2023-24 के बाद सबसे तेज़ बढ़ोतरी में से एक है।
★ यह बढ़ोतरी गेहूं और चावल की बढ़ती आर्थिक लागत और प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना के तहत इनके मुफ्त वितरण को जारी रखने के लिए की गई है। लेकिन सूत्रों के अनुसार, इसके पीछे एक बड़ा कारण यह भी है कि सरकार ने FCI की उस मांग को मान लिया है, जिसमें ओपन मार्केट सेल स्कीम (OMSS) के तहत सस्ते चावल की बिक्री और एथेनॉल ब्लेंडिंग कार्यक्रम की लागत को सीधे बजट में शामिल करने की बात कही गई थी।
★ FY26 में चावल की आर्थिक लागत जहां करीब 41.73 रुपये प्रति किलो थी, वहीं OMSS के तहत इसका रिज़र्व प्राइस लगभग 28 रुपये प्रति किलो रखा गया। इस अंतर के कारण करीब 10,000 करोड़ रुपये की सब्सिडी बनी। इसके अलावा, सरकार ने लगभग 52 लाख टन क्षतिग्रस्त और टूटे चावल को एथेनॉल ब्लेंडिंग कार्यक्रम के लिए 23.50 रुपये प्रति किलो के भाव पर उपलब्ध कराया, जिससे भी बड़ी सब्सिडी बनी।
★ इन दोनों मदों को मिलाकर लगभग 25,000 करोड़ रुपये की अतिरिक्त सब्सिडी बनी है।
★ सरकार का यह कदम न सिर्फ FCI के वित्तीय दबाव को कम करेगा, बल्कि बजट लेखों को अधिक पारदर्शी और साफ रखने की दिशा में भी अहम माना जा रहा है। कुल मिलाकर, FY26 में खाद्य सब्सिडी बढ़ने की वजह केवल मुफ्त अनाज वितरण नहीं, बल्कि OMSS के तहत सस्ती बिक्री और एथेनॉल ब्लेंडिंग जैसे कार्यक्रमों की वास्तविक लागत को बजट में समाहित करना है।
