News Capsule/न्यूज कैप्सूल: एल नीनो: भारत पर असर को लेकर अनिश्चितता
27-Jan-2026 11:05 AM
News Capsule/न्यूज कैप्सूल: एल नीनो: भारत पर असर को लेकर अनिश्चितता
★ 2026 की गर्मियों में एल नीनो बनने की संभावनाओं पर चर्चा है, लेकिन इसके समय और तीव्रता को लेकर अभी स्पष्टता नहीं है। अगर एल नीनो सक्रिय होता है तो इसका सबसे बड़ा असर भारत के मौसम पर पड़ सकता है।
★ आमतौर पर एल नीनो के दौरान भारत में मानसून कमजोर रहने और कुछ इलाकों में बारिश की कमी की आशंका रहती है। इससे खरीफ फसलों—खासकर धान, मक्का, गन्ना, दलहनों और तिलहनों दबाव बन सकता है।
★ शुरुआती अनुमानों पर पूरी तरह भरोसा करना जल्दबाज़ी होगी। एल नीनो का असर उसकी टाइमिंग और ताकत पर निर्भर करेगा। यदि यह देर से या कमजोर रूप में आता है, तो मानसून पर प्रभाव सीमित भी रह सकता है।
★ कुल मिलाकर, भारत के लिए 2026 का मानसून एल नीनो के रुख पर काफी हद तक निर्भर करेगा, इसलिए आने वाले महीनों में मौसम के संकेतों पर कड़ी नजर बनी रहेगी।
★ वैश्विक स्तर पर एल नीनो का सबसे बड़ा असर भारत, मलेशिया और इंडोनेशिया में सूखे के रूप में देखा जाता है, जबकि अर्जेंटीना में फसलों के लिए हालात बेहतर हो सकते हैं। ऑस्ट्रेलिया में गंभीर सूखा आमतौर पर पूर्ण एल नीनो के दौरान आता है, जिसकी संभावना 2027 से पहले कम मानी जा रही है।
