News Capsule/न्यूज कैप्सूल: कम आयात, कमजोर फसल और सीमित आवक से तुअर बाज़ारों में तेजी के संकेत
17-Jan-2026 11:19 AM
News Capsule/न्यूज कैप्सूल: कम आयात, कमजोर फसल और सीमित आवक से तुअर बाज़ारों में तेजी के संकेत
★ तुअर के बाजार में मौजूदा समय में मजबूती का रुझान बना हुआ है। जनवरी 2026 के मध्य तक देश की प्रमुख मंडियों में तुअर की कीमतें दिसंबर के औसत भाव से ऊपर कारोबार कर रही हैं, जिससे बाजार में आगे और तेजी की उम्मीद बढ़ गई है।
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भाव
★ नवंबर से जनवरी के बीच अरहर के भाव में लगातार सुधार देखा गया है। सोलापुर, लातूर, अकोला और मुंबई जैसे प्रमुख बाजारों में दाम दिसंबर औसत की तुलना में 400 से 700 रुपये प्रति क्विंटल तक बढ़े हैं। सितंबर 2025 की तुलना में दिसंबर के भाव 950 से 1,150 रुपये प्रति क्विंटल तक ऊंचे रहे, जो मजबूत मांग और सीमित उपलब्धता को दर्शाता है।
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आयात
★ आयात के मोर्चे पर भी बाजार को सहारा मिल रहा है। अप्रैल से अक्टूबर 2025 के दौरान अरहर का आयात लगभग 9.36 लाख टन रहने का अनुमान है, जबकि इसी अवधि में पिछले वर्ष आयात 10 लाख टन था। यानी चालू सीजन में आयात पिछले साल से कम रहा है। उल्लेखनीय है कि पिछले वित्त वर्ष में कुल अरहर आयात 12.23 लाख टन रहा था।
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फसल
★ इस वर्ष तुअर का उत्पादन लगभग 28 लाख टन रहने का अनुमान है, लेकिन फसल की हालत अच्छी नहीं मानी जा रही है और गुणवत्ता भी औसत से कमजोर बताई जा रही है। इसके अलावा, मंडियों में आवक का दबाव न दिखना इस बात की ओर इशारा करता है कि वास्तविक उत्पादन अनुमान से कम हो सकता है।
★ बाजार सूत्रों के अनुसार, कमजोर घरेलू उत्पादन और कम आयात के चलते आगे चलकर आयात बढ़ने की संभावना है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में मांग बढ़ने पर निर्यातक भी कीमतों में इजाफा कर सकते हैं, जिसका असर घरेलू बाजार पर पड़ना तय है।
★ कुल मिलाकर, सीमित आपूर्ति, कमजोर फसल और आयात में कमी जैसे कारणों को देखते हुए भविष्य में तुअर की कीमतों में और सुधार की पूरी संभावना बनी हुई है।
