News Capsule/न्यूज कैप्सूल: कनाडाई मटर बाजार पर दबाव, चीन की वापसी से उम्मीद की किरण

04-Feb-2026 12:15 PM

News Capsule/न्यूज कैप्सूल: कनाडाई मटर बाजार पर दबाव, चीन की वापसी से उम्मीद की किरण
★ हाल के महीनों में कनाडा के दाल (पल्स) बाजार को कई चुनौतियों का सामना करना पड़ा।
★ 2025 में चीन और भारत दोनों ने कनाडाई मटर पर आयात शुल्क लगाया। मार्च में चीन द्वारा लगाए गए 100% शुल्क का असर सबसे ज्यादा रहा, जबकि नवंबर में भारत का 30% शुल्क तुलनात्मक रूप से कम प्रभावी रहा। 
★ चीन के शुल्क से कनाडाई मटर का निर्यात पूरी तरह बंद नहीं हुआ, लेकिन इसमें करीब दो-तिहाई की गिरावट आई। इसका असर खास तौर पर हरी और मैपल मटर पर पड़ा, जबकि पीली मटर की कीमतों में भी कटाई के बाद की रिकवरी सीमित रही।
★ चीन द्वारा शुल्क हटाने के बाद शुरुआती तौर पर मैपल मटर की कीमतों में तेजी दिखी है, जबकि पीली और हरी मटर में हल्का सुधार आया है। आगे की दिशा चीन की खरीद पर निर्भर करेगी।
★ अनुमान है कि मार्च से शुल्क हटने के बाद हर महीने करीब दो जहाज (लगभग 1.20 लाख टन) मटर चीन भेजी जा सकती है। इससे 2025/26 के अंत तक चीन को कुल निर्यात 8 लाख टन तक पहुंच सकता है। भारत और अन्य एशियाई देशों को निर्यात मिलाकर कुल निर्यात में मामूली बढ़ोतरी संभव।
★ इतनी बढ़ी हुई आपूर्ति के मुकाबले यह निर्यात पर्याप्त नहीं । 2025/26 में कनाडा की मटर आपूर्ति पिछले साल से 11 लाख टन ज्यादा है, जिससे स्टॉक का दबाव बना रहेगा और कीमतों में बड़ी तेजी की गुंजाइश सीमित रहेगी।
★ भारत के बाजार में एक सकारात्मक पहलू यह रहा कि 30% शुल्क के बावजूद वहां मटर की कीमतों में मजबूती आई है।
★ हाल के महीनों में पीली मटर के दाम और मजबूत हुए हैं, जिससे भारत द्वारा शुल्क और बढ़ाने की संभावना कम हुई है। फिर भी, भारी वैश्विक आपूर्ति के बीच आयात शुल्क ने मांग पर कुछ असर जरूर डाला है।
★ कुल मिलाकर, चीन की वापसी से बाजार को सहारा जरूर मिला है, लेकिन कनाडाई मटर बाजार में संतुलन बनने में अभी समय लगेगा।