News Capsule/न्यूज कैप्सूल: नवंबर 2025 में खाद्य तेल आयात 28% घटा, कच्चे पाम तेल का हिस्सा बढ़ा
15-Dec-2025 12:31 PM
News Capsule/न्यूज कैप्सूल: नवंबर 2025 में खाद्य तेल आयात 28% घटा, कच्चे पाम तेल का हिस्सा बढ़ा
★ तेल वर्ष 2025–26 के पहले महीने नवंबर 2025 में भारत का खाद्य तेल आयात सालाना आधार पर 28% घटकर 11.84 लाख टन रह गया, जबकि नवंबर 2024 में यह 16.51 लाख टन था। अक्टूबर 2025 के मुकाबले भी आयात में 11% की गिरावट दर्ज की गई है।
★ उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, रिफाइंड पामोलीन (RBD Palmolein) का आयात नवंबर 2025 में लगभग नगण्य रहा और केवल 3,500 टन दर्ज किया गया, जबकि पिछले साल इसी महीने में यह 2.85 लाख टन था। कच्चे सूरजमुखी तेल का आयात भी तेज़ी से घटकर 1.43 लाख टन रह गया, जो सालाना आधार पर 58% कम है। इसी तरह सोयाबीन तेल का आयात 3.71 लाख टन रहा, जो पिछले साल की तुलना में 9% कम है।
★ आयात संरचना में बड़ा बदलाव देखने को मिला है। नवंबर 2025 में कुल आयात में रिफाइंड तेल का हिस्सा घटकर 0.3% रह गया, जबकि कच्चे तेलों की हिस्सेदारी बढ़कर 99.7% तक पहुंच गई। इससे घरेलू रिफाइनिंग उद्योग को प्राथमिकता मिलने का संकेत मिलता है।
★ पाम तेल और सॉफ्ट ऑयल के आयात में भी गिरावट दर्ज की गई। नवंबर 2025 में पाम तेल आयात घटकर 6.32 लाख टन रहा, हालांकि सॉफ्ट ऑयल आयात में ज्यादा गिरावट के कारण कुल आयात में पाम तेल की हिस्सेदारी बढ़कर 55% हो गई। वहीं, सॉफ्ट ऑयल आयात घटकर 5.19 लाख टन रह गया और इसकी हिस्सेदारी 45% तक सिमट गई।
★ घरेलू स्तर पर खाद्य तेल स्टॉक में भी कमी आई है। 1 दिसंबर 2025 तक विभिन्न बंदरगाहों और पाइपलाइन सहित कुल खाद्य तेल स्टॉक 16.23 लाख टन आंका गया, जो 1 नवंबर 2025 के 17.31 लाख टन से करीब 1.08 लाख टन कम है।
★ इस बीच, कृषि मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार रबी सीजन 2025–26 में बुवाई की स्थिति बेहतर बनी हुई है। 5 दिसंबर 2025 तक रबी फसलों का कुल क्षेत्रफल 2.40% बढ़कर 84.14 लाख हेक्टेयर हो गया है। विशेष रूप से सरसों की बुवाई में 3.45% की वृद्धि दर्ज की गई है, जिससे घरेलू तिलहन उत्पादन को लेकर सकारात्मक संकेत मिल रहे हैं।
