News Capsule/न्यूज कैप्सूल: OMSS में गेहूं बिक्री सुस्त, बाजार में भारी आपूर्ति से कीमतों पर दबाव
03-Feb-2026 11:38 AM
News Capsule/न्यूज कैप्सूल: OMSS में गेहूं बिक्री सुस्त, बाजार में भारी आपूर्ति से कीमतों पर दबाव
★ FCI बुधवार को ओपन मार्केट सेल स्कीम (OMSS) के तहत 1.26 लाख टन गेहूं की पेशकश करेगा। इससे पहले पिछले बुधवार को FCI ने 1.17 लाख टन गेहूं की पेशकश की थी, जिसमें से करीब 73 प्रतिशत यानी लगभग 85 हजार टन की ही बिक्री हो सकी थी।
★ बुधवार की नीलामी में पंजाब को 26 हजार टन, असम को 23 हजार टन और हरियाणा को 10 हजार टन गेहूं आवंटित किया गया है। उत्तर प्रदेश को 8 हजार टन जबकि कर्नाटक और तमिलनाडु को 7.5-7.5 हजार टन गेहूं की पेशकश होगी।
★ नीलामी में पेश की जाने वाली मात्रा हर बार बढ़ाई जा रही है, लेकिन वास्तविक बिक्री लगातार घट रही है। तीसरी नीलामी में करीब 89 हजार टन, चौथी में 88 हजार टन और पांचवीं नीलामी में केवल 84 हजार टन गेहूं ही बिक पाया। इन नीलामियों में मुख्य खरीदार पंजाब, असम और हरियाणा रहे। इससे साफ संकेत मिलता है कि जिन राज्यों में FCI की खरीद ज्यादा रही है, वहीं से उठाव बेहतर बना हुआ है।
★ लगातार टेंडर में गेहूं बिकिरी भाव भी घटे।
★ इसके उलट उत्तर प्रदेश जैसे राज्यों में गेहूं का उठाव उत्साहजनक नहीं है, जो यह दर्शाता है कि वहां बाजार में पहले से ही पर्याप्त आपूर्ति मौजूद है और गेहूं कम दामों पर आसानी से उपलब्ध है।
★ मौजूदा सीजन में गेहूं के भाव अब तक 2,950 रुपये प्रति क्विंटल का स्तर भी नहीं छू पाए हैं, जबकि फरवरी 2025 में कीमतें 3,200 रुपये तक पहुंच गई थीं। मध्य प्रदेश की स्थानीय मंडियों में इटारसी गेहूं 2,400–2,500 रुपये और ग्वालियर में 2,525 रुपये प्रति क्विंटल के आसपास बिक रहा है, जो 2,585 रुपये के MSP से नीचे है।
★ अच्छे उत्पादन और पर्याप्त स्टॉक के कारण पूरे सीजन बाजार में आपूर्ति भरपूर बनी हुई है। आगे 4–5 नीलामियां और शेष हैं, इसी दौरान महाराष्ट्र, गुजरात और मध्य प्रदेश में नई फसल की आवक भी शुरू हो जाएगी। अगर मौसम अनुकूल रहा और बंपर फसल आई, तो बाजार पर और दबाव बन सकता है।
★ कुल मिलाकर, मौजूदा स्टॉक और आपूर्ति को देखते हुए गेहूं बाजार के फंडामेंटल कमजोर नजर आ रहे हैं। वहीं, यह स्थिति FCI के लिए एक बार फिर रिकॉर्ड खरीद का अवसर भी बन सकता है।
