News Capsule/न्यूज कैप्सूल: तुवर बाजार अपडेट: उत्पादक देशों में उप्तादन कमज़ोर, सरकारी खरीद का मिल सकता है समर्थन
27-Jan-2026 11:35 AM
News Capsule/न्यूज कैप्सूल: तुवर बाजार अपडेट: उत्पादक देशों में उप्तादन कमज़ोर, सरकारी खरीद का मिल सकता है समर्थन
★ कई राज्यों में तुवर की सरकारी खरीद शुरू हो गई है। कमजोर बाजार भाव और MSP से नीचे कीमतों के चलते इस सीजन में सरकारी खरीद बढ़ने की संभावना जताई जा रही है।
★ महाराष्ट्र में तुवर की 3.37 लाख मीट्रिक टन खरीद को मंजूरी दी गई है। यह खरीद मूल्य समर्थन योजना (PSS) के तहत न्यनतम समर्थन मूल्य पर होगी और इसमें नेफेड तथा एनसीसीएफ राज्य सरकार के सहयोग से खरीद करेंगी।
★ तेलंगाना में भी तुवर की खरीद तेज हो रही है, जहां करीब 1.71 लाख टन तक खरीद का लक्ष्य रखा गया है। यह प्रक्रिया 26 मार्च तक चलेगी। मौजूदा सीजन में बाजार भाव MSP से काफी नीचे रहने के कारण सरकारी एजेंसियों की खरीद और बढ़ सकती है।
★ नेफेड के पास पहले से ही करीब 4.5 लाख टन तुवर का बफर स्टॉक उपलब्ध है। पिछले सीजन में सरकार ने करीब 6.5 लाख टन तुवर की खरीद की थी। इस बार भाव नीचे रहने से यह आंकड़ा पिछले साल के बराबर या उससे अधिक रहने की संभावना है।
★ साउथ एशिया एग्री फोरम समिट 2026 में तुवर पर हुई चर्चा में अंतरराष्ट्रीय परिदृश्य पर भी ध्यान दिलाया गया। म्यांमार के प्रतिनिधियों ने कहा कि भारत की मांग के आधार पर कीमतों में सुधार संभव है और मौजूदा स्तर बॉटम प्राइस माने जा रहे हैं। 2023-24 में अंतरराष्ट्रीय बाजार में तुवर के दाम करीब $1500 प्रति टन से गिरकर $600 तक आ गए थे, और भारतीय बाजार में लगभग ₹120 से ₹60 प्रति किलो के स्तर पर आये।
★ अफ्रीका में तुवर उत्पादन का अनुमान 13 लाख टन था, लेकिन वास्तविक उत्पादन सिर्फ 9 लाख टन रहा, जिससे सप्लाई में बड़ा अंतर पैदा हुआ। वहीं म्यांमार में इस साल मौसम अनुकूल नहीं है और वहां तुवर उत्पादन करीब 3 लाख टन रहने का अनुमान है, जिसमें लगभग 50 हजार टन कैरी-फॉरवर्ड रहेगा। पैनलिस्टों के अनुसार म्यांमार में उत्पादन 15–20 प्रतिशत कम रहने की आशंका है।
★ भारत में भी इस साल तुवर उत्पादन करीब 20 प्रतिशत कम रहने का अनुमान है।
★ इन सभी कारणों को देखते हुएहमारा मानना है कि मौजूदा निचले स्तर से आगे चलकर तुवर की कीमतों में सुधार की संभावना बन सकती है।
महत्वपूर्ण सूचना:
उपरोक्त रिपोर्ट केवल जानकारी के लिए है। आई-ग्रेन इंडिया किसी भी प्रकार के लाभ या हानि की जिम्मेदारी नहीं लेता और न ही बाजार में किसी विशेष दिशा (तेजी या मंदी) का समर्थन करता है। कृपया कोई भी निर्णय अपने विवेक और समझदारी से लें।
