News Capsule/न्यूज कैप्सूल: उत्तर प्रदेश में गन्ना कमी से मिलें बंद, फिर भी चीनी उत्पादन पर असर सीमित

12-Feb-2026 10:39 AM

News Capsule/न्यूज कैप्सूल: उत्तर प्रदेश में गन्ना कमी से मिलें बंद, फिर भी चीनी उत्पादन पर असर सीमित
★ उत्तर प्रदेश में गन्ने की कमी और खांडसारी-गुड़ इकाइयों की ओर रुख बढ़ने के चलते कई चीनी मिलों ने इस बार जनवरी के अंत में ही पेराई बंद कर दी, जो सामान्य समय (मार्च-अप्रैल) से काफी पहले है।
★ 31 जनवरी तक राज्य में 118 मिलें चालू थीं, जबकि पिछले साल इसी समय 122 मिलें चल रही थीं। कुछ छोटी मिलें भी सीजन से पहले बंद हो चुकी हैं।
बरेली, महमूदाबाद, मुजफ्फरनगर आदि क्षेत्रों में रातून फसल की पैदावार 15–20% घटी। कुछ इलाकों में प्लांट क्रॉप की पैदावार भी करीब 10% कम रही।
किसान मिलों द्वारा भुगतान में देरी के कारण गन्ना खांडसारी और गुड़ निर्माताओं को बेच रहे हैं।
★ राज्य में 31 जनवरी तक गन्ना पेराई 559 लाख टन रही, जो पिछले वर्ष के 579 लाख टन से कम है।
★ सरकार ने गन्ने का FRP बढ़ाकर ₹355 प्रति 100 किग्रा कर दिया है, जबकि चीनी का MSP फरवरी 2019 से ₹31 प्रति किग्रा पर स्थिर है। इससे मिलों पर नकदी दबाव बढ़ा है।
★ 31 जनवरी तक राज्य में चीनी उत्पादन 55 लाख टन रहा, जो पिछले साल 53 लाख टन था।
★ औसत रिकवरी 9.9% रही, जबकि पिछले साल 9.1% थी।
★ देशभर में 2025-26 (अक्टूबर-सितंबर) सीजन में 31 जनवरी तक चीनी उत्पादन 195 लाख टन, जो सालाना आधार पर 18% अधिक है। 
★ उत्तर प्रदेश में गन्ने की कमी से कुछ मिलें समय से पहले बंद जरूर हुई हैं, लेकिन बेहतर रिकवरी और कमजोर निर्यात मांग के कारण घरेलू आपूर्ति पर्याप्त बनी रहने की संभावना है। कीमतों में सीमित दायरे में ही उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है।