रूई की सरकारी खरीद एक करोड़ गांठ तक पहुंची
01-Apr-2025 10:43 AM
नई दिल्ली। केन्द्रीय कपड़ा मंत्रालय की अधीनस्थ एजेंसी- भारतीय कपास निगम (सीसीआई) के चेयरमैन सह प्रबंध निदेशक ने कहा है कि रूई की सरकारी खरीद 100 लाख (करोड़) गांठ तक पहुंच चुकी है और अभी इसकी खरीद की प्रक्रिया जारी है। इसकी खरीद विभिन्न उत्पादक राज्यों में किसानों से न्यूनतम समर्थन मूल्य पर की गई।
तेलंगाना में सर्वाधिक रूई खरीदी गई जबकि इस सूची में महाराष्ट्र दूसरे तथा गुजरात तीसरे नम्बर पर रहा। कपास का न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) इस बार मीडियम रेशेवाली श्रेणी के लिए 71.21 रुपए तथा लम्बे रेशेवाली किस्मों के लिए 7521 रुपए प्रति क्विंटल नियत किया गया है।
आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार चालू मार्केटिंग सीजन में 1 अक्टूबर 2024 से 26 मार्च 2025 के दौरान तेलंगाना में 40.38 लाख गांठ (170 किलो की प्रत्येक गांठ), महाराष्ट्र में 29.34 लाख गांठ, गुजरात में 14.10 लाख गांठ तथा कर्नाटक में 5.22 लाख गांठ कपास की खरीद की गई।
इसके अलावा मध्य प्रदेश में 3.95 लाख गांठ, आंध्र प्रदेश में 3.83 लाख, उड़ीसा में 2.06 लाख गांठ, हरियाणा में 61 हजार तथा राजस्थान में 50 हजार गांठ कपास की खरीद करने में सफलता मिली।
2024-25 के मौजूदा सीजन में हुई रूई की खरीद अब तक की दूसरी सबसे बड़ी है। इससे पूर्व 2019-20 के मार्केटिंग सीजन में सबसे अधिक 105 लाख गांठ रूई की खरीद हुई थी।
चूंकि चालू सीजन में खरीद की प्रक्रिया अभी जारी है इसलिए रूई की कुल खरीद उस रिकॉर्ड स्तर तक पहुंच सकती है।
कपास उत्पादन एवं उपयोग समिति ने 2024-25 के वर्तमान सीजन में 294.25 लाख गांठ रूई के घरेलू उत्पादन का अनुमान लगाया है जिसके एक-तिहाई भाग से अधिक की खरीद सरकारी एजेंसी द्वारा की जा चुकी है।
कॉटन एसोसिएशन ऑफ इंडिया के अनुसार चालू सीजन में 29 मार्च तक देश भर की मंडियों में कुल 244.25 लाख गांठ कपास की आवक हो चुकी थी।
