रूस में मटर का उत्पादन बढ़ने का अनुमान

29-May-2025 06:00 PM

विनीपेग। कनाडा में मटर की बिजाई अभी चल रही है और मौसम की हालत भी काफी हद तक अनुकूल बनी हुई है जिससे अगला उत्पादन सामान्य होने की उम्मीद है।

लेकिन उस नए माल की बिक्री के लिए कनाडा के निर्यातकों को नए बाजारों की तलाश के लिए कठिन संघर्ष करना पड़ सकता है।

एक तरफ चीन का बाजार लगभग बंद हो गया है और वहां रूस की पकड़ मजबूत हो जाएगी तो दूसरी ओर अन्य परम्परागत बाजारों में कनाडा के रूस सहित दूसरे देशों की सख्त प्रतिस्पर्धा का सामना करना पड़ेगा। भारत में मटर का मामला अभी अनिश्चित बना हुआ है मगर शीघ्र ही सरकार का निर्णय सामने आने की उम्मीद है। 

दिसम्बर 2023 से भारत में पीली मटर का शुल्क मुक्त आयात हो रहा है जबकि चीन पहले से ही इसका प्रमुख आयातक देश बना हुआ है।

उधर रूस में मटर का उत्पादन 2024-25 सीजन के 39.20 लाख टन से उछलकर 2025-26 के सीजन में 50.10 लाख टन के नए रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच जाने का अनुमान लगाया जा रहा है।

इससे वहां निर्यात योग्य मटर का विशाल अधिशेष स्टॉक मौजूद रहेगा और वह इसका शिपमेंट बढ़ाने के लिए आक्रामक नीति अपना सकता है। 

एक अग्रणी विश्लेषक के अनुसार 2024-25 के मार्केटिंग सीजन के दौरान रूस से मटर का निर्यात घटकर 17 लाख टन पर अटक जाने की संभावना है जो 2023-24 सीजन के शानदार निर्यात 33.70 लाख टन से करीब 50 प्रतिशत कम है।

2025-26 के मार्केटिंग सीजन में वहां से 24.30 लाख टन मटर का उत्पादन उक्त विश्लेषक के अनुमान से कम होगा। उत्पादन का आंकड़ा 44-45 लाख टन पर पहुंच सकता है। रूस के कुछ उत्पादन इलाकों में सूखा पड़ने तथा कुछ क्षेत्रों में घना कोहरा छाने से उत्पादन प्रभावित होने की आशंका है। 

विश्लेषक के मुताबिक रूस में गेहूं, मक्का तथा कुछ तिलहनों पर भारी-भरकम निर्यात शुल्क लागू है मगर मटर पर शुल्क कम लगता है इसलिए इसकी खेती वहां किसानों में तेजी से लोकप्रिय होती जा रही है।

रूस के साइबेरिया संभाग में मटर का उत्पादन तेजी से बढ़ रहा है क्योंकि यह चीन से नजदीक है और चीन को रूसी मटर की जरूरत है।