रूस से सूरजमुखी तेल के आयात में जबरदस्त बढोत्तरी

03-Nov-2025 01:18 PM

मुंबई। भारत में पिछले चार-पांच वर्षों से रुसी सूरजमुखी तेल के आयात में जोरदार वृद्धि हो रही है और आगे भी इसका सिलसिला बरकरार रहने की उम्मीद है। उपलब्ध आकड़ों के अनुसार भारत में रूस से वर्ष 2021में महज 1.75 लाख टन सूरजमुखी तेल का आयात हुआ था जो बढ़ते-बढ़ते वर्ष 2024 में 20.90 लाख टन के शीर्ष स्तर पर पहुंच गया। इस तरह इन चार वर्षों के दौरान रूस से सूरजमुखी तेल के आयात में 12 गुना का इजाफा हो गया और भारतीय बाजार में इसकी भागीदारी भी 10 प्रतिशत से उछलकर 56 प्रतिशत पर पहुंच गयी। रूस के अलावा भारत में युक्रेन, अर्जेंटीना एवं रोमानिया जैसे देशों में भी सूरजमुखी तेल मंगाया जाता है।

वर्ष 2022 में रूस के साथ युद्ध होने से पूर्व युक्रेन भारत को सूरजमुखी का सबसे प्रमुख आपूर्तिकर्ता देश बना गया है। यूक्रेनी बंदरगाहों पर रूस की भयंकर बमबारी होने के कारण युक्रेन से सूरजमुखी तेल का समुद्री शिपमेंट बुरी तरह प्रभावित होने लगा और उसने सड़क तथा रेलमार्ग से निकटवर्ती यूरोपीय देशों को इसका निर्यात करने पर विशेष ध्यान देना शुरू कर दिया। इससे भारत को रूस से आयात बढ़ाना पड़ा।

उधर रूस में सूरजमुखी एवं इसके तेल का विशाल उत्पादन होने से इसके निर्यात का संकट बढ़ गया क्योंकि यूरोप से उसे बेचना संभव नहीं हो रहा था। तब उसने एशियाई देशों और खासकर भारत तथा चीन जैसे बाजारों में सस्ते या प्रतिस्पर्धी दाम पर अपना उत्पाद बेचने का जोरदार प्रयास किया और इसमें उसे शानदार सफलता भी हासिल हुई। वैसे वैश्विक बाजार भाव काफी ऊंचा होने से चालू वर्ष में भारत में सूरजमुखी तेल का आयात घटने की सम्भावना है।