ऑस्ट्रेलिया और रूस से मसूर तथा मटर का आयात बढ़ने की संभावना
22-Oct-2024 05:06 PM
नई दिल्ली । कनाडा के साथ बढ़ते विवाद के कारण वहां से भारत में मसूर तथा पीली मटर का आयात घटने की संभावना है और वैकल्पिक स्रोत के रूप में ऑस्ट्रेलिया से मसूर तथा रूस से पीली मटर का आयात बढ़ाया जा सकता है।
पीली मटर के शुल्क मुक्त आयात की अवधि 31 दिसम्बर 2024 तक बढ़ाई गई है जबकि मसूर का शुल्क मुक्त आयात 31 मार्च 2025 तक हो सकता है।
फिलहाल घरेलू प्रभाग में इन दोनों दलहनों का अच्छा स्टॉक मौजूद है इसलिए कनाडा से आयात घटने के बावजूद इसकी आपूर्ति-उपलब्धत एवं कीमत पर कोई खास प्रतिकूल असर पड़ने की संभावना नहीं है।
समझा जाता है कि केन्द्र सरकार के पास 8 लाख टन से अधिक मसूर का स्टॉक मौजूद है जिसे आवश्यकता पड़ने पर घरेलू बाजार में उतारा जा सकता है। मसूर की बिजाई का सीजन औपचारिक तौर पर आरंभ हो गया है।
सरकार ने इसके न्यूनतम समर्थन मूल्य में अच्छी बढ़ोत्तरी कर दी है जिससे मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश एवं बिहार जैसे शीर्ष उत्पादक राज्यों में किसानों को इस महत्वपूर्ण दलहन का बिजाई क्षेत्र बढ़ाने का प्रोत्साहन मिल सकता है।
ऑस्ट्रलिया में मसूर की नई फसल की कटाई-तैयारी का समय आ गया है लेकिन वहां उत्पादन की तस्वीर पूरी तरह स्पष्ट नहीं हो पाई है।
मसूर की पैदावार के अलग-अलग अनुमानित आंकड़े सामने आ रहे हैं जबकि भारतीय व्यापारियों ने आगामी महीनों की डिलीवरी के लिए इसका आयात अनुबंध करना शुरू कर दिया है।
जहां तक मटर का सवाल है तो मसूर के साथ ही इसकी भी बिजाई शुरू हो जाती है और उत्तर प्रदेश तथा मध्य प्रदेश इसके दो प्रमुख उत्पादक राज्य हैं।
रूस में ख़राब मौसम के कारण मटर की पैदावार कुछ कम हुई है लेकिन फिर भी वहां इसका विशाल स्टॉक मौजूद है जिससे भारत एवं चीन सहित अन्य देशों की मांग एवं जरूरत आसानी से पूरी हो सकती है। कनाडा को मसूर एवं मटर के निर्यात के लिए नए बाजारों की तलाश करनी पड़ सकती है।
