ऑस्ट्रेलिया से चना का निर्यात 87 प्रतिशत उछलकर सितम्बर में 29 हजार टन पर पहुंचा
08-Nov-2024 04:43 PM
एडिलेड। आमतौर पर ऑस्ट्रेलिया में जुलाई - अगस्त से ही देसी चना की आपूर्ति का ऑफ सीजन आरम्भ हो जाता है और अक्टूबर तक जारी रहता है। नवम्बर से नई फसल की आवक जोर पकड़ने लगती है और फिर निर्यात शिपमेंट की गति तेज हो जाती है। केंद्र सरकार की अधीनस्थ संस्था ऑस्ट्रेलियाई सांख्यिकी ब्यूरो (एबीएस) के आकड़ों के अनुसार अगस्त में ऑस्ट्रेलिया से चना का निर्यात घटकर 15,533 टन पर सिमट गया था जो सितम्बर में 87 प्रतिशत उछलकर 29,026 टन पर पहुंच गया। इसके बावजूद 2023-24 सीजन के दौरान सितम्बर तक देश से चना का कुल निर्यात 4,21,347 टन पर ही पहुंच सका जो 2023-24 सीजन की समानअवधि के शिपमेंट 6,15,456 टन से काफी कम रहा। ऑस्ट्रेलिया से मुख्यतः देसी चना का निर्यात होता है।
सितम्बर में ऑस्ट्रेलिया से भारत को सर्वाधिक 13,089 टन चना का निर्यात हुआ जबकि इसके बाद पाकिस्तान को 9,050 टन तथा बांग्लादेश को 2,351 टन का शिपमेंट किया गया। ऑस्ट्रेलिया में चना की नई फसल की कटाई-तैयारी आरम्भ हो गयी है।
उधर कनाडा से काबुली चना के निर्यात में भी अच्छा सुधार आया। वहां से इसका निर्यात अगस्त के 7,819 टन से 59 प्रतिशत उछलकर सितम्बर में 12.405 टन पर पहुंच गया। इसमें से तुर्की ने सबसे ज्यादा 2,427 टन, इटली ने 1,967 टन तथा भारत ने 1,717 टन का आयात किया। अगस्त-सितम्बर 2024 के दो महीने में कनाडा से कुल 20,224 टन काबुली चना का निर्यात हुआ जो वर्ष 2023 की समानअवधि के शिपमेंट 27,832 टन से काफी कम रहा। इधर भारत में चना की बिजाई आरम्भ हो गयी है।
