पहली छमाही में कृषि उत्पादों का निर्यात 12 प्रतिशत बढ़ा

04-Nov-2025 05:21 PM

नई दिल्ली। बासमती चावल के निर्यात ऑफर मूल्य में थोड़ी गिरावट आने के बावजूद चालू वित्त वर्ष की पहली छमाही के दौरान भारत से कृषि उत्पादों की कुल निर्यात आमदनी में अच्छी बढ़ोत्तरी दर्ज की गई। इस अवधि में गैर बासमती चावल तथा दाल-दलहन सहित कई अन्य कृषि उत्पादों की निर्यात आय में अच्छी वृद्धि हुई।

उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार केन्द्रीय वाणिज्य मंत्रालय की अधीनस्थ एजेंसी- कृषि एवं प्रसंस्कृत खाद्य उत्पाद निर्यात विकास प्राधिकरण (एपीडा) की निगरानी में जिन उत्पादों का निर्यात होता है उसकी कुल आमदनी अप्रैल-सितम्बर 2025 में बढ़कर 13.936 अरब डॉलर पर पहुंच गई जो अप्रैल- सितम्बर 2024 की कुल निर्यात आय 12.475 अरब डॉलर से 12 प्रतिशत अधिक रही। 

समीक्षाधीन अवधि के दौरान गैर बासमती चावल की निर्यात आय 2.25 अरब डॉलर से 27.6 प्रतिशत बढ़कर 2.87 अरब डॉलर तथा निर्यात की मात्रा 46.50 लाख टन से 51 प्रतिशत उछलकर 70.10 लाख टन से ऊपर पहुंच गई।

लेकिन बासमती चावल की निर्यात आय इसी अवधि में 2.86 अरब डॉलर से कुछ घटकर 2.76 अरब डॉलर पर अटक गई। वैसे इसकी निर्यात मात्रा पिछले साल के 27.20 लाख टन से बढ़कर इस बार 31.60 लाख टन पर पहुंची मगर निर्यात ऑफर मूल्य कमजोर रहने से आमदनी में थोड़ी गिरावट आ गई। पिछले साल ऑफर मूल्य काफी ऊंचा रहा था। 

अप्रैल-सितम्बर 2025 में दाल-दलहन की निर्यात आमदनी बढ़कर 43.50 करोड़ डॉलर पर पहुंची जो गत वर्ष की समान अवधि की आय 34.80 करोड़ डॉलर से करीब 25 प्रतिशत अधिक रही।

पहली छमाही के दौरान देश से ताजे फल, सेरियल उत्पाद एवं प्रसंस्कृत फल तथा जूस का निर्यात 50 करोड़ डॉलर से ऊपर पहुंच गया। कुछ अन्य उत्पादों की निर्यात आमदनी भी बढ़ी।

जहां तक चावल का सवाल है पाकिस्तान की बढ़ती प्रतिस्पर्धा के कारण भारत को बासमती का निर्यात ऑफर मूल्य नीचे रखने के लिए विवश होना पड़ रहा है। इसके फलस्वरूप निर्यात की मात्रा तो बढ़ रही है मगर आमदनी घट रही है।

गैर बासमती चावल के निर्यात ऑफर मूल्य में भी गिरावट आई है लेकिन इसका शिपमेंट तेजी से बढ़ा है। अफ्रीका और एशिया के अनेक देशों में बासमती एवं गैर बासमती चावल की मांग मजबूत बनी हुई है।