पंजाब-हरियाणा में सामान्य से अधिक वर्षा होने से रबी फसलों को फायदा

02-Feb-2026 04:15 PM

चंडीगढ़। जनवरी 2026 के दौरान पंजाब एवं हरियाणा में सामान्य औसत से अधिक बारिश होने तथा मौसम ठंडा रहें से रबी फसलों और खासकर गेहूं तथा सरसों को काफी फायदा होने की उम्मीद है। चूंकि इस बार लम्बे समय तक शीत लहर एवं कोहरा धुंध का प्रकोप नहीं रहा इसलिए फसल को अभी तक कहीं कोई गंबीर ख़तरा नहीं हुआ है। कुछ सीमित क्षेत्रों में थोड़ी-बहुत ओलावृष्टि जरुर हुई।

जनवरी के दौरान देश के अनेक उत्तरी एवं मध्यवर्ती जिलो में अच्छी वर्षा हुई जिससे रबी फसलों को लाभ हुआ। महत्वपूर्ण बात यह है कि वर्ष 2024 एवं 2025 के जनवरी माह में पंजाब-हरियाणा, राजस्थान एवं उत्तर प्रदेश जैसे प्रान्तों में मौसम लगभग सूखा रहा था और वर्षा नहीं या नगण्य हुई थी। लेकिन वर्ष 2026 का जनवरी माह बारिश की दृष्टी से काफी बेहतर साबित हुआ। मौसम विभाग ने पश्चिमी विक्षोभ की सक्रियता को देखते हुए 2-3 फरवरी को भी बारिश होने की सम्भावना व्यक्त की है।

मौसम विभाग के मुताबिक 1 से 31 जनवरी 2026 के दौरान पंजाब में 34.4 मि.मी. बारिश हुई जो 20.3 मि.मी. के सामान्य औसत से 69 प्रतिशत ज्यादा रही लेकिन राज्य के विभिन्न जिलों में वर्षा का वितरण काफी असमान रहा। गुरदासपुर, एसबीएस नगर, फतेहगढ़ साहिब, रूपनगर एवं लुधियाना जिलों में 50 मि.मी.या उससे अधिक वर्षा से जिलों में सामान्य औसत से काफी कम बरसात हुई। इसमें मुक्तसर, फिरोजपुर, फाजिल्का, फरीदकोट एवं भटिंडा जैसे जिले शामिल हैं जहां 55 से 77 प्रतिशत तक कम बारिश हुई।

अमृतसर, जालंधर एवं लुधियाना में लगभग सामान्य बारिश दर्ज की गयी। पिछले 25 साल से पंजाब में जनवरी माह के दौरान शीतकालीन वर्षा सामान्य औसत से कम हो रही थी। केवल 2022 में यह कुछ हद तक सामान्य रही। इस वर्ष राज्य में ठण्ड की तीव्रता भी अपेक्षाकृत कम रही जिससे फसलों का बेहतर ढंग से विकास होता रहा।