पंजाब की मंडियों में 5 लाख टन से अधिक धान की आवक

07-Oct-2025 01:18 PM

चंडीगढ़। केन्द्रीय पूल में चावल का सर्वाधिक योगदान देने वाले राज्य- पंजाब में धान की नई फसल की कटाई-तैयारी एवं मंडियों में आपूर्ति आरंभ हो चुकी है।

उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार राज्य की विभिन्न मंडियों में 6 अक्टूबर तक 5,14,037 टन धान पहुंचा जिसमें से 4,81,967 टन या करीब 96 प्रतिशत भाग की सरकारी खरीद हो गई। खरीदे गए धान के एवज में किसानों के बैंक खाते में करीब 923 करोड़ रुपए का भुगतान किया जा चुका है जबकि शेष 743 करोड़ रुपए का भुगतान होना अभी बाकी है। 

खन्ना ग्रेन मार्केट आढ़तिया एसोसिएशन के अध्यक्ष का कहना है कि स्थानीय मंडी में करीब 7 लाख बोरी धान की आवक हुई जिसमें से 6 लाख बोरी से ज्यादा की खरीद हो गई और इसका भुगतान भी कर दिया गया है।

पंजाब सरकार ने इस बार 10 अक्टूबर की सामान्य तिथि के बजाए 15 सितम्बर से ही धान की खरीद आरंभ करने का निर्णय लिया था जिससे किसानों को  काफी राहत मिली और उन्हें औने-पौने दाम पर अपना उत्पाद बेचने के लिए विवश नहीं होना पड़ा। 

पटियाला में स्थिति थोड़ी भिन्न रही। भारी वर्षा की भविष्यवाणी होने से किसानों ने अपनी फसल (धान) की कटाई की गति काफी तेज कर दी। इससे फलस्वरूप मंडियों में आने वाले धान में नमी का अंश काफी ऊंचा देखा जा रहा है।

सरकारी एजेंसी इसकी खरीद करने तथा उसे गन्नी बोरियों में पैक करने से हिचक रही है इसलिए उसने किसानों को तब तक इंतजार के लिए कहा है जब तक धान पूरी तरह सूख नहीं जाता अथवा उसमें नमी का अंश मान्य स्तर तक नहीं आ जाता। 

धान में 17 प्रतिस्थ तक नमी वाले धान की खरीद न्यूनतम समर्थन मूल्य की तुलना में 180-300 रुपए प्रति क्विंटल के कम दाम पर करना चाहते हैं।

इस बार भारी वर्षा एवं बाढ़ से पंजाब के किसान पहले से ही परेशान हैं और इसलिए उनका अधिक शोषण नहीं किया जाना चाहिए। आगामी समय में पंजाब की मंडियों में सरकारी क्रय केन्द्रों पर धान की आवक तेजी से बढ़ने की संभावना है।