पंजाब की मंडियों में अनबिके धान का भारी स्टॉक - सड़ने-गलने की आशंका

11-Nov-2024 11:20 AM

मनसा । पंजाब की विभिन्न मंडियों में (सरकारी क्रय केन्द्रों पर) धान की भारी आवक हो रही है मगर इसकी सरकारी खरीद की गति इतनी धीमी है कि कई किसानों को अपना उत्पाद बेचने के लिए 15-20 दिनों तक का इंतजार करना पड़ रहा है।

हालांकि पंजाब सरकार का दावा है कि राज्य में किसानों से धान की नियमित रूप से अच्छी खरीद हो रही है और पूरी स्थिति लगभग सामान्य है लेकिन किसान संगठनों का कहना है कि धरातल पर वास्तविक स्थिति ज्यादा सुखद नहीं है।

आधिकारिक आंकड़ों से पता चलता है कि पंजाब में 1 अक्टूबर से 8 नवम्बर 2024 के दौरान कुल 126.67 लाख टन धान पहुंचा जिसमें से 120.67 लाख टन की सरकारी खरीद हो गई। मंडियों एवं क्रय केन्द्रों से धान का उठाव भी बढ़ने लगा है। 

किसानों की शिकायत है कि राइस मिलर्स को सीधे धान की बिक्री नहीं की जा रही है जबकि सरकारी एजेंसियां सीमित मात्रा में इसकी खरीद कर रही हैं

जिससे मंडियों में इसका अम्बार लगने लगा है और लम्बे समय से वहां स्टॉक मौजूद रहने के कारण उसके सड़ने-गलने की आशंका बढ़ गई है। ऐसा प्रतीत होता है कि केन्द्र सरकार जान बूझकर धीमी गति से धान खरीद रही है ताकि पंजाब के किसानों को परेशान किया जा सके। 

केन्द्रीय खाद्य मंत्रालय ने इस वर्ष पंजाब में 185 लाख टन धान या 124 लाख टन चावल खरीदने का लक्ष्य रखा है जो पिछले साल के बराबर ही है। राज्य में 30 नवम्बर 2024 तक धान की सरकारी खरीद का समय निश्चित किया गया है।

राज्य के गोदाम पहले से ही काफी हद तक भरे हुए हैं जिसे अब खाली करने का प्रयास किया जा रहा है। इसमें लम्बा समय लग सकता है जबकि इस बीच वहां नए चावल की आपूर्ति जोर शोर से शुरू हो जाएगी।