पंजाब में धान की मिलिंग शुरू करने हेतु राइस मिलर्स को मनाने का प्रयास तेज
22-Oct-2024 04:00 PM
चंडीगढ़ । पंजाब की मंडियों में धान की बढ़ती आवक के बीच सरकारी खरीद की गति धीमी होने तथा मंडियों से खरीदे गए धान के उठाव की रफ्तार सुस्त रहने से किसान बेहद चिंतित और परेशान हैं। वे राज्य में 51 जगहों पर धरना-प्रदर्शन कर रहे हैं जिसमें 25 टोल प्लाजा तथा राजनेताओं के 26 निवास स्थान शामिल हैं।
दरअसल राइस मिलर्स / शेलर्स ने अपनी कुछ मांगों को स्वीकार किए जाने तक सरकार से धान का आवंटन प्राप्त नहीं करने और इसकी मिलिंग बंद रखने का फैसला किया है।
इसे देखते हुए पंजाब सरकार ने प्रलोभनों एवं प्रोत्साहनों के जरिए राइस मिलर्स को धान की मिलिंग आरंभ करने हेतु मनाने का प्रयास शुरू कर दिया है।
पंजाब सरकार ने राइस मिलर्स को अनेक राहत-रियायत देने का निर्णय लिया है जिससे राज्य के कुल 2000 राइस मिलर्स ने धान की मिलिंग के लिए करार पर हस्ताक्षर कर दिया है लेकिन शेष 3500 मिलर्स में से अधिकांश अब भी पी आर - 126 तथा हाइब्रिड धान की किस्मों की मिलिंग करने के लिए तैयार नहीं हैं।
आधिकारिक सूत्रों के अनुसार 2000 मिलर्स की हामी मिलने से धान के उठाव की गति कुछ तेज हुई है। पिछले दिन विभिन्न मंडियों से 1.15 लाख टन धान का उठाव किया गया लेकिन फिर भी क्रय केन्द्रों पर 22.40 लाख टन धान का स्टॉक पड़ा हुआ है जिसक उठाव होना बाकी है।
उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक चालू सीजन मार्केटिंग सीजन में 21 अक्टूबर तक पंजाब की मंडियों में 30.88 लाख टन धान की आवक हुई जिसमें से 27.68 लाख टन की खरीद हुई।
इसमें से महज 5.28 लाख टन धान का उठाव संभव हो सका जो कुल आवक का महज 17 प्रतिशत है। समस्या मुख्यत: उन मंडियों में देखी जा रही है जहां किसानों द्वारा पी आर - 126 एवं हाइब्रिड किस्मों के धान का अधिक स्टॉक उतारा जा रहा है।
खन्ना मंडी के आसपास के क्षेत्रों में स्थित 45 शेलर्स ने धान का उठाव शुरू कर दिया है और मंडी में धान की हुई कुल आपूर्ति के 51 प्रतिशत भाग का उठाव भी हो चुका है।
एक किसान संगठन द्वारा टोल प्लाजा तथा तीन भाजपा नेताओं के घर के बाहर धरना दिया जा रहा है जिसमें रेल राज्य मंत्री भी शामिल है। इसके अलावा आम आदमी पार्टी के 23 नेताओं के घर पर भी धरना जारी है।
