पंजाब में धान की सरकारी खरीद 120 लाख टन से ऊपर पहुंची
09-Nov-2024 02:57 PM
चंढीगड़। केंद्रीय पूल में खाद्यान्न का सर्वाधिक योगदान देने वाले राज्य-पंजाब में धान की सरकारी खरीद अब जोर पकड़ चुकी है जबकि अक्टूबर में काफी पिछड़ रही थी। आधिकारिक आकड़ो के अनुसार वर्तमान खरीफ मार्केटिंग सीजन में 1 अक्टूबर से 8 नवंबर के दौरान पंजाब की मंडियों में कुल 126.67 लाख टन धान की आवक हुई जिसमे से 120.67 लाख टन की खरीद सरकारी एजेंसियों द्वारा की गई। इसकी कीमत 27,995 करोड़ रूपए रही और इससे 6.58 लाख किसानो को फायदा हुआ। धान की सरकारी खरीद 30 नवंबर 2024 तक जारी रहेगी।
सरकार ने 2024-25 के मौजूदा खरीफ मार्केटिंग सीजन के लिए धान का न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) सामान्य श्रेणी के लिए 2300 रूपए प्रति क्विंटल तथा 'ए' ग्रेड के लिए 2320 रूपए प्रति क्विंटल नियत किया है जबकि पंजाब में पिछले साल की भांति 184 लाख टन धान (124 लाख टन चावल के समतुल्य) की खरीद का लक्ष्य निर्धारित किया है। पिछले कुछ दिनों के दौरान वहां धान की खरीद में भारी बढ़ोत्तरी हुई है। पंजाब में 4839 मिलर्स ने धान की कुटाई (रोलिंग) के लिए आवेदन किया है और इसमें से 4743 मिलर्स को राज्य सरकार द्वारा काम का आवंटन पहले ही किया जा चूका है। इस बार पंजाब में धान की खरीद के लिए 2927 क्रय केंद्र खोले गए है जहां किसान विशाल मात्रा में अपना उत्पाद लेकर पहुंच रहे है। धान की क्वालिटी अच्छी है और इसमें नहीं का अंश स्वीकृत सीमा के अंदर रही है इसलिए खरीद में कठिनाई नहीं हो रही है।
सरकारी एजेंसियों द्वारा खरीदे गए धान का उठाव भी विभिन्न मंडियों में जोर शोर से जारी है जिससे वहां जगह की संकीर्णता की समस्या धीरे-धीरे दूर होती जा रही है। कई मंडियों में तो दैनिक आवक मात्रा से भी अधिक धान का उठाव हो रहा है। इससे खरीद की प्रक्रिया को व्यवस्थित एवं निर्बाध रखने में सहायता मिल रही है। केंद्रीय खाद्य मंत्री ने कहा है कि पंजाब में क्रय केन्द्रो पर पहुंचने वाले धान के प्रत्येक दाने की खरीद की जाएगी और किसानो को सही समय पर उसके मूल्य भुगतान किया जाएगा।
