पीली मटर के आयात पर कांग्रेस का सरकार का गंभीर आरोप
07-Oct-2025 09:27 PM
नई दिल्ली। पीली मटर के शुल्क मुक्त आयात को जारी रखने के सरकारी निर्णय से न केवल देश के दलहन उत्पादक परेशान है बल्कि केन्द्रीय कृषि मंत्रालय, नीति आयोग और कृषि लागत एवं मूल्य आयोग (सीएसीपी) भी नाखुश है।
अब इस सूची में मुख्य विक्षपीदल कांग्रेस का नाम भी जुड़ गया है जिसने केन्द्र सरकार पर गंभीर आरोप लगाया है। कांग्रेस के एक वरिष्ठ नेता जयराम रमेश ने चुटकी लेते हुए कहा है कि "मोदानी (मोदी+अदानी) की पीली दाल में कुछ तो काला है।"
जयराम रमेश के अनुसार 2024-25 में देश के अंदर 67 लाख टन से अधिक दलहनों का आयात किया गया जिसमें अकेली पीली मटर का योगदान 50 हजार टन के करीब रहा।
सरकार ने दिसम्बर 2023 से ही पीली मटर के आयात को सीमा शुल्क से मुक्त कर रखा है जिससे विदेशों से आयातित मटर घरेलू दलहनों की तुलना में काफी कम कीमत पर बाजार में पहुंच रही है
और सभी दलहनों की कीमतों पर दबाव डाल रही है। आयातित मटर की कीमत महज 3500 रुपए प्रति क्विंटल है जबकि स्वदेशी दलहनों का न्यूतनम समर्थन मूल्य 7000-8000 रुपए प्रति क्विंटल नियत किया गया है
इस तरह पीली मटर का भाव अन्य दलहनों के समर्थन मूल्य आधा कम है। सस्ते आयात से घरेलू बाजार में विदेशी दलहनों की बाढ़ आ गई है जिससे महाराष्ट्र- मध्य प्रदेश, राजस्थान, गुजरात एवं उत्तर प्रदेश जैसे राज्यों के किसानों के लिए स्वदेशी दलहन प्रतिस्पर्धी नहीं बैठ रहा है और दलहनों का उत्पादन इन किसानों के लिए आर्थिक दृष्टि से लाभप्रद साबित नहीं हो रहा है।
विशाल सस्ते आयात के कारण जहां एक ओर भारतीय किसानों को जबरदस्त आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है वहीं दूसरी तरफ पीली मटर के सबसे प्रमुख आयातक-अदानी समूह को इससे भारी फायदा हुआ है और अब भी हो रहा है।
जयराम रमेश ने आगे कहा है कि उच्च खाद्य मुद्रास्फीति पर अंकुश लगाने के लिए सरकार ने दिसम्बर 2023 में पीली मटर पर 50 प्रतिशत के बुनियादी सीमा शुल्क को 'अस्थायी रूप से' वापस ले लिया था लेकिन किसानों द्वारा बार-बार किए गए आग्रह के बावजूद इसे अभी तक बरकरार रखा गया है।
ध्यान देने वाली बात है कि कृषि लागत एवं मूल्य आयोग तथा सर्वोच्च न्यायालय ने भारतीय किसानों के हितों को सुरक्षा के लिए पीली मटर के निर्बाध आयात पर रोक लगाने का सुझाव दिया है लेकिन सरकार बार-बार इसे नजरअंदाज कर रही है। अब 31 मार्च 2026 तक पीली मटर के आयात को शुल्क मुक्त कर दिया गया है।
