पीली मटर पर आयात शुल्क लगने से दलहन बाजार में नरमी पर लगेगी रोक

31-Oct-2025 07:45 PM

मुम्बई। स्वदेशी दाल-दलहन उद्योग- व्यापार क्षेत्र का मानना है कि 1 नवम्बर 2025 से पीली मटर पर 30 प्रतिशत का आयात शुल्क लागू होने के बाद घरेलू बाजार में दलहनों की कीमतों में नरमी पर ब्रेक लग सकता है और मांग बढ़ सकती है।

हालांकि उद्योग व्यापार क्षेत्र सरकार से पीली मटर पर 50 प्रतिशत का आयात शुल्क लगाने की मांग कर रहा था लेकिन सरकार ने फिलहाल 30 प्रतिशत का सीमा शुल्क लगाना ही सुनिश्चित समझा। इसमें 10 प्रतिशत का सामान्य शुल्क एवं 20 प्रतिशत का कृषि ढांचा विकास सेस शामिल है। 

एक अग्रणी व्यापारिक संस्था- इंडिया पल्सेस एन्ड ग्रेन्स एसोसिएशन (एपीजीए) के चेयरमैन का कहना है कि सीमा शुल्क लगाने की घोषणा होने के बाद पीली मटर के दाम में 2.00-2.50 प्रतिशत का इजाफा हो गया दरअसल सीमा शुल्क लगाने का मुख्य उद्देश्य दलहन बाजार में आने वाली नरमी को रोकना है।

विशाल सस्ते एवं शुल्क मुक्त आयात के कारण चालू वर्ष के दौरान पीली मटर का घरेलू बाजार भाव घटकर 2800-2900 रुपए प्रति क्विंटल तक आने का अनुमान लगाया जा रहा था लेकिन अब यह उस स्तर तक नीचे नहीं जाएगा।

वर्तमान समय में इसका दाम 3500 रुपए प्रति क्विंटल के आसपास चल रहा है। लेकिन अभी अन्य दलहनों के दाम पर कोई सकारात्मक असर नहीं पड़ा है। 

वैश्विक बाजार में पीली मटर का भाव पिछले साल 350-400 डॉलर प्रति टन के बीच चल रहा था जो अब घटकर 300-320 डॉलर प्रति टन के बीच चल रहा था जो अब घटकर 300-320 डॉलर प्रति टन रह गया है।

इसके फलस्वरूप सीमा शुल्क में 30 प्रतिशत की बढ़ोत्तरी (शून्य प्रतिशत के मुकाबले) होने का जितना प्रभाव पड़ सकता था उतना दाम तो वैश्विक बाजार में पहले ही घट चुका है।

स्थिति का गौर से विश्लेषण किया जाये तो स्पष्ट संकेत मिलता है कि पीली मटर का लैंडिंग खर्च गत वर्ष के लगभग बराबर ही बैठेगा। भारत में पीली मटर का आयात मुख्यतः कनाडा एवं रूस से होता है। सीमा शुल्क में वृद्धि की वजह से वैश्विक बाजार में इसकी कीमतों पर कुछ असर पड़ सकता है।