पाम तेल के बढ़ते उत्पादन एवं स्टॉक से खाद्य तेलों की आपूर्ति सुधरने की उम्मीद

17-Dec-2025 05:22 PM

सिंगापुर। वैश्विक स्तर पर वनस्पति तेलों की आपूर्ति में होने वाली बढ़ोत्तरी में पाम तेल का महत्वपूर्ण योगदान अगले साल भी बरकरार रहेगा।

इस सर्वाधिक कारोबार वाले खाद्य तेल का उत्पादन बढ़कर 8 करोड़ (800 लाख) टन के नए रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच जाने का अनुमान लगाया जा रहा है जिससे वैश्विक बाजार में सुधार आने के आसार हैं और कीमतों पर कुछ हद तक दबाव पड़ सकता है। 

एक अग्रणी उद्योग विश्लेषक के अनुसार विश्व स्तर पर वनस्पति तेलों के उत्पादन में होने वाली सकल बढ़ोत्तरी में पाम तेल की भागीदारी सुधरकर 43 प्रतिशत पर पहुंच जाने की संभावना है जिससे यह सम्पूर्ण संवर्ग के अंदर विकास का प्रमुख इंजन बना रहेगा।

दूसरी ओर 2024-25 के सीजन में जबरदस्त इजाफा होने के बाद सोयाबीन तेल का उत्पादन सीमित स्तर से बढ़ने की संभावना है। कुल मिलाकर इसकी वैश्विक आपूर्ति में 1 प्रतिशत का सुधार आने की उम्मीद है। अर्जेन्टीना, ब्राजील एवं अमरीका में सोया तेल का बेहतर उत्पादन हो सकता है। 

पाम तेल की भांति रेपसीड / कैनोला तेल के उत्पादन में अच्छी बढ़ोत्तरी होने की संभावना है जिससे इसकी आपूर्ति एवं उपलब्धता में बेहतर सुधार आ सकता है।

ध्यान देने की बात है कि हाल के समय में इसकी आपूर्ति में आंशिक रूप से बाधा उत्पन्न हो गई थी क्योंकि एक तो प्रमुख उत्पादक एवं निर्यातक देशों में मौसम खराब हो गया था और कुछ भागों में अनिश्चितता का माहौल भी बना हुआ था। 

जहां तक खाद्य तेलों की वैश्विक मांग का सवाल है तो आर्थिक आधार पर इसमें 2.6 प्रतिशत की बढ़ोत्तरी होने का अनुमान लगाया गया है।

इसके तहत खासकर पाम तेल की मांग एवं खपत में ज्यादा इजाफा हो सकता है क्योंकि बायो डीजल निर्माण में इसका उपयोग तेजी से बढ़ रहा है।

खाद्य तेलों की वैश्विक मांग एवं आपूर्ति के बीच बेहतर संतुलन रहने की उम्मीद है जिससे इसका अंतिम बकाया स्टॉक 298 लाख टन के आसपास स्थिर रह सकता है।